खनन माफिया बेलगाम, सिस्टम बेबस: आगरा में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन का नंगा सच

आगरा जनपद में अवैध खनन, ओवरलोड परिवहन और प्रशासनिक दावों के बीच की खाई एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने उजागर कर दी है। एक ओर प्रशासन सख्ती और संयुक्त कार्रवाई के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत यह है कि खनन माफिया बेखौफ दिन-दहाड़े सिस्टम को चुनौती दे रहा है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों से सामने आए वीडियो न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं, बल्कि पुलिस और राजस्व तंत्र की भूमिका को भी कठघरे में ला खड़ा करते हैं।

Jan 9, 2026 - 14:49
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खनन माफिया बेलगाम, सिस्टम बेबस: आगरा में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन का नंगा सच
सिंगरावली से पत्थर लादकर गुजरते ट्रैक्टर।

सिंगरावली (थाना बसई जगनेर) में दिखी ट्रैकटरों की कतार

आगरा जनपद में अवैध खनन खुलेआम जारी है। चट्टानों को तोड़कर पत्थरों का खनन किया जा रहा है और दर्जनभर ट्रैक्टर दिन-दहाड़े खनन सामग्री ढोते नजर आ रहे हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित आंख-मिचौली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामला थाना बसई जगनेर क्षेत्र के गांव सिंगरावली का बताया जा रहा है, जहां एक ग्रामीण द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि चट्टानों को तोड़कर निकाले गये पत्थरों को एक के बाद एक कई ट्रैक्टर लेकर निकल रहे हैं। यह दृश्य प्रशासन के उन दावों को कठघरे में खड़ा करता है, जिनमें कहा जाता रहा है कि क्षेत्र में अवैध खनन नहीं हो रहा।

वीडियो बनाने वाले ग्रामीण के अनुसार, जब उसने खनन का दृश्य कैमरे में कैद किया तो एक ट्रैक्टर चालक ने उससे कहा- वीडियो बनाने से क्या होगा? यह कथन न सिर्फ खनन माफिया के हौसले दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि उन्हें किसी कार्रवाई का भय नहीं है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन लंबे समय से जारी है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, पहाड़ियों और चट्टानों का अस्तित्व खतरे में है, और ओवरलोड ट्रैक्टरों से ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ गया है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

शमसाबाद क्षेत्र के आगरा–राजाखेड़ा रोड पर फर्राटा भरते ट्रक

थाना शमसाबाद क्षेत्र के आगरा–राजाखेड़ा रोड से भी अवैध खनन सामग्री के परिवहन और ओवरलोड ट्रकों का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में दर्जनों भारी ट्रक और वाहन बेखौफ फर्राटा भरते दिखाई दे रहे हैं, जबकि इसी रोड पर सुबह तड़के बड़ी संख्या में लोग टहलने के लिए निकलते हैं। इसके बावजूद न तो ट्रकों की रफ्तार पर लगाम है और न ही ओवरलोडिंग पर रोक।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना पुलिस और राजस्व विभाग की कथित मिलीभगत के चलते यह अवैध परिवहन निर्बाध रूप से जारी है। हैरानी की बात यह है कि उटंगन बैरियर पर पुलिस की तैनाती के बावजूद खनन सामग्री से लदे ट्रक नहीं रुक पा रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि कुछ समय पहले ही आगरा के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर ने अवैध खनन रोकने के लिए साझा रणनीति तय करके कई विभागों की संयुक्त टीमें गठित की थीं। इसका कुछ समय तक तो असर रहा, लेकिन इसके बाद सब कुछ पहले की तरह चलने लगा है। आगरा में अवैध खनन एक ऐसी सच्चाई है, जिसे आला अधिकारी तो रोकना चाहते हैं लेकिन निचले स्तर की मशीनरी इस अवैध काम में सहयोग करती है, जिसकी वजह से आला स्तर से तय रणनीतियां दफन हो जाती हैं।

वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब निगाहें प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। क्या अवैध खनन पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

SP_Singh AURGURU Editor