कुंभ मेले में साध्वी बनी नाबालिग राखी लौटी घर, आगरा पुलिस की काउंसलिंग से बदला मन

कुंभ 2024 में साध्वी बनने का अचानक फैसला लेने वाली आगरा की नाबालिग राखी को उसकी परिवारिक काउंसलिंग और डौकी पुलिस की संवेदनशील कार्रवाई के बाद घर वापस लाया गया। 13 साल की उम्र में हरियाणा के एक आश्रम में रहने लगी राखी को वापस लाने के लिए परिवार ने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने कई दिनों तक लगातार काउंसलिंग की, जिसके बाद राखी ने परिवार संग घर लौटने के लिए सहमति दे दी। परिजनों ने डौकी पुलिस की त्वरित और मानवीय कार्रवाई की सराहना की।

Nov 16, 2025 - 17:10
Nov 16, 2025 - 18:04
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कुंभ मेले में साध्वी बनी नाबालिग राखी लौटी घर, आगरा पुलिस की काउंसलिंग से बदला मन
घर लौटी राखी

आगरा। कुंभ 2024 के दौरान अचानक साध्वी बनने के फैसले के बाद सुर्खियों में आई आगरा की नाबालिग राखी एक बार फिर चर्चा में है। उस समय मात्र 13 साल की रही राखी अपने माता-पिता के साथ कुंभ मेले में शामिल होने गई थी, लेकिन वहीं उसका जीवन अचानक मोड़ ले बैठा। आध्यात्मिक आकर्षण और भावनात्मक प्रभाव में आकर उसने साध्वी बनने का निर्णय ले लिया। परिजनों के लाख समझाने के बावजूद वह अपने फैसले पर अड़ी रही और हरियाणा के विलासपुर स्थित कौशल किशोर आश्रम में रहने लगी। अब वह घर लौट आई है। 

समय बीतने के साथ परिवार की चिंता बढ़ती गई। बेटी को घर वापस लाने की उम्मीद हर गुजरते दिन के साथ कम होती दिखने लगी। आखिरकार परिवार ने आगरा की डौकी पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने नाबालिग की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की।

डौकी पुलिस की टीम ने कई दिनों तक लगातार राखी की काउंसलिंग की। न केवल कानूनी और सामाजिक समझ दी, बल्कि उसे परिवार के महत्व और उसकी उम्र में ऐसे बड़े निर्णयों के प्रभाव भी समझाए। पुलिस की सहज, संवेदनशील और प्रभावी बातचीत का असर धीरे-धीरे दिखाई देने लगा।

अंततः 14 वर्षीय राखी का मन बदला और वह माता-पिता के साथ घर लौटने के लिए तैयार हो गई। बेटी को सुरक्षित वापस पाकर परिवार की आंखों में खुशी और राहत साफ झलक रही है । परिजनों ने डौकी पुलिस की मानवीय पहल, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस के सहयोग, धैर्य और काउंसलिंग के बिना बेटी को वापस लाना संभव नहीं था। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि संवेदनशील पुलिसिंग कई बार टूटे परिवारों को फिर से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।