एसएन में बिना चीरे के चमत्कारः जटिल स्कल बेस ट्यूमर को बिना ऑपेन सर्जरी के किया साफ
आगरा। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) के ईएनटी विभाग ने स्कल बेस सर्जरी के क्षेत्र में चिकित्सा की एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। कॉलेज की विशेषज्ञ टीम ने बिना किसी बाहरी चीरे के दुर्लभ पुनरावर्ती जुवेनाइल नासोफैरिन्जियल एंजियोफाइब्रोमा (JNA) ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाकर एक 22 वर्षीय युवक को नया जीवन दिया है। यह ट्यूमर अत्यधिक रक्तवाहिता और संवेदनशील स्थिति के कारण अत्यंत जटिल माना जाता है।
-22 वर्षीय युवक को मिनिमली इनवेसिव तकनीक से मिला नया जीवन, जुवेनाइल एंजियोफाइब्रोमा ट्यूमर का जटिल ऑपरेशन सफल
मिनिमली इनवेसिव तकनीक से किया ऑपरेशन
इस उन्नत सर्जरी का नेतृत्व प्रो. डॉ. ऋतु गुप्ता ने किया, जो ईएनटी एवं हेड-नेक सर्जन हैं। उन्हें विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. धर्मेन्द्र कुमार का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि ट्यूमर स्कल बेस के भीतर था और इसे बिना किसी चीरे के आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीक से निकाला गया, जिससे मरीज को न्यूनतम दर्द और तेज रिकवरी मिली।
आधुनिक तकनीक और टीमवर्क का परिणाम
इस सफलता के पीछे एसएन मेडिकल कॊलेज में हाल ही में स्थापित अत्याधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की समर्पित मेहनत रही। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता द्वारा की गई अधोसंरचना उन्नयन की पहल इस सर्जरी में निर्णायक रही। ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया टीम से डॉ. रोहिणी यादव, डॉ. आज़म और डॉ. पालीका ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रो. ऋतु गुप्ता ने बताया कि यह ट्यूमर अत्यधिक रक्तवाही और स्कल बेस से जुड़ा हुआ था, जिसकी वजह से चुनौतीपूर्ण था। लेकिन योजनाबद्ध रणनीति और सटीक तकनीकी इस्तेमाल से हम बिना किसी चीर-फाड़ के सफल हुए।
स्थिर है मरीज की हालत, बनी चिकित्सा की मिसाल
सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है और वह तेज़ी से स्वस्थ हो रहा है। इस सफलता ने एसएन मेडिकल कॉलेज को स्कल बेस और ईएनटी सर्जरी के क्षेत्र में एक रीजनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित किया है। यह केस भविष्य में मिनिमली इनवेसिव तकनीकों के लिए एक मिसाल साबित होगा।