मोक्ष कल्याणक: भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण दिवस पर कृत्रिम सम्मेद शिखरजी में हुई आस्था की वर्षा
आगरा। दिगंबर जैन परिषद द्वारा गुरुवार को मोतीलाल नेहरू पीर कल्याणी रोड स्थित अतिशय क्षेत्र श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर नसिया जी में तीर्थंकर भगवान श्री 1008 पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस पर भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आचार्य श्री 108 चैत्य सागर जी महाराज के सान्निध्य में भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण महोत्सव मनाया गया। इसी अवसर पर 46वां मुनि दीक्षा दिवस भी आयोजित हुआ।
भक्ति-भाव और श्रद्धा का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान पार्श्वनाथ की कृत्रिम सम्मेद शिखरजी पर श्रद्धालुओं द्वारा वंदना से हुई। 23 किलो वजनी लाडू अर्पण कर विशेष पूजन किया गया। 108 कलशों से भगवान का अभिषेक हुआ। इसके बाद दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट और संगीतमय भजन पूजन के साथ पूज्य आचार्यश्री की वाणी में धर्मवाणी का प्रवाह हुआ।
जिनवाणी संदेश में जीवन दर्शन
आचार्य श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि तीर्थंकर पार्श्वनाथ क्षमा, समता और संघर्ष के प्रतीक हैं। जिन्होंने अनेक जन्मों तक उपसर्ग सहन कर तीर्थंकर पद को प्राप्त किया। उनका जीवन बताता है कि चुनौतियों से डरने की बजाय समभाव से उनका सामना करने वाला व्यक्ति ही सच्चा विजेता होता है।
उन्होंने भगवान के जीवन से प्रेरणा लेकर संयम, सेवा और समर्पण का संदेश दिया।
शांति धारा एवं लाडू अर्पण का सौभाग्य
शांति धारा का सौभाग्य श्री नेम शरण जैन एवं गुरु भक्त परिवार को मिला। 23 किलो का प्रथम लाडू श्री संजीव जैन, मुरादाबाद ने चढ़ाया। द्वितीय लाडू नितिन जैन व मुदित जैन (सिकंदरा), तृतीय जगदीश प्रसाद जैन, चतुर्थ राकेश जैन (पर्दे वाले), पंचम लाडू राजेन्द्र जैन (एडवोकेट) और छठा लाडू दीपक जैन (दूध वाले) ने चढ़ाया।
विशिष्टजनों का सम्मान
इस अवसर पर बाहर से आए अतिथियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया।
आगरा दिगंबर जैन परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार, अर्थमंत्री राकेश जैन पर्दे वाले, विमलेश जैन मार्सन्स, सुनील जैन ठेकेदार, पारस बाबू जैन, राजेन्द्र जैन, रमेश जैन राशन वाले, प्रचार मंत्री आशीष जैन मोनू, सुनील जैन काका, सुबोध पाटनी, नरेश पंडिया, अनिल जैन, अनुज जैन क्रांति, कुमार मंगलम जैन, दीपक जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित सकल जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।