नटखट कन्हैया संग गौमाता की सजी सांझी, सूतक काल में हुआ विशेष पूजन व कीर्तन

आगरा। पितृ पक्ष के प्रथम दिन श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) में परंपरागत सांझी की शुरुआत आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुई। प्रथम दिन नटखट कान्हा संग गौमाता की रंग-बिरंगी आकृति फूलों और रंगों से सजाई गई। चंद्र ग्रहण के कारण सूतक लगने से प्रातःकाल ही भगवान का विशेष पूजन सम्पन्न कराया गया। रात 9 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक अनवरत कीर्तन होगा।

Sep 7, 2025 - 16:24
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नटखट कन्हैया संग गौमाता की सजी सांझी, सूतक काल में हुआ विशेष पूजन व कीर्तन
कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ जी मंदिर में पितृ पक्ष के पहले दिन गौमाता संग सजाई गई सांझी की एक झलक।

मंदिर अध्यक्ष अरविन्द प्रभु ने बताया कि सांझी सनातन संस्कृति की वह परंपरा है, जिसे घर-घर में पितृ पक्ष के दौरान निभाया जाता था। वृंदावन में राधा और सखियों द्वारा प्रतिदिन बनाई गई कृष्ण लीलाओं कालिया दमन, माखन चोरी, गिरिराज धरण, महारास, दानलीला जैसी आकृतियों को सांझी कहा जाता था, क्योंकि इसे संध्या काल में बनाया जाता और सुबह यमुना जी में विसर्जित कर दिया जाता। इसी परंपरा को जीवंत रखने के लिए श्रीजगन्नाथ मंदिर में पंद्रह दिनों तक प्रतिदिन अलग-अलग रूपों में कान्हा की लीलाओं को सांझी रूप में सजाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ग्रहण काल में कीर्तन का विशेष महत्व होता है। मंदिर में भक्तों ने अखंड हरिनाम संकीर्तन कर दिव्यता का अनुभव किया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनमें सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, संजीव मित्तल, संजीव बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, हरिदास, अदिति गौरांगी, शाश्वत नन्दलाल, राजेश उपाध्याय आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

SP_Singh AURGURU Editor