मां यमुना पुकार रही हैं: आइए, इस रविवार यानि कल उन्हें फिर से जीवन दें!
आगरा। क्या आपने कभी नदी की पुकार सुनी है? अगर नहीं, तो अब वक्त आ गया है उसे सुनने का। आगरा की जीवनरेखा, श्रद्धा की प्रतीक और सांस्कृतिक आत्मा यमुना मैया अब अपने बच्चों से मदद मांग रही हैं। प्लास्टिक, पॉलीथिन, लैदर वेस्ट और कचरे से कराहती यमुना की पवित्रता को लौटाने का यह सबसे सही समय है। बरसात से पहले, जब हम सब एकजुट होकर उसे नया जीवन दे सकते हैं।
कल यानि रविवार को सुबह 7 बजे, एत्माद्दौला व्यू प्वाइंट और यमुना आरती स्थल पर यमुना सफाई महा उत्सव आयोजित किया जा रहा है। यह सिर्फ एक सफाई कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण, एक धार्मिक कर्तव्य और आगरा की आत्मा के प्रति प्रेम की अभिव्यक्ति है।
हर हाथ मायने रखता है, हर झाड़ू एक बदलाव है
नगर निगम आगरा द्वारा आयोजित इस अभियान में रिवर कनेक्ट कैंपेन के बैनर तले समाज के हर वर्ग को आमंत्रित किया गया है। पर्यावरण प्रेमी, स्कूली बच्चे, कॉलोनी निवासी, बुज़ुर्ग और युवा, हर कोई इस बदलाव का हिस्सा बन सकता है।
यह पहल न केवल कचरे को हटाने की है, बल्कि विश्वास को पुनर्जीवित करने की है। हम जो हटाएंगे, वो केवल प्लास्टिक नहीं, बल्कि लापरवाही और उदासीनता भी होगी। और हम जो लौटाएंगे, वो यमुना की खोई मुस्कान होगी।
इसलिए ज़रूरी है यह अभियान
बारिश से पहले यमुना की सफाई बेहद आवश्यक है ताकि बहाव के साथ कचरा इस पवित्र और शहर को और गंदा न करे। इससे यमुना के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की रक्षा हो सकेगी। जल, जमीन और जीवन के संतुलन में योगदान होगा। नई पीढ़ी को जिम्मेदारी और पर्यावरणीय जागरूकता सिखाई जा सकेगी।
हमारी आस्था, हमारा उत्तरदायित्व
भगवान कृष्ण की लीलाओं की साक्षी रही यमुना मैया आज हमारी खामोशी से दम तोड़ रही है। इस रविवार, चलिए अपनी आस्था को कर्म में बदलें। अपने हाथों से मां यमुना की आरती करें, साफ़ सफाई की आरती। अब वक्त है सिर्फ देखने का नहीं, कुछ करने का। आपका एक कदम यमुना के लिए वरदान बन सकता है। रविवार को मिलते हैं, अपनी मां से किए वादे को निभाने।