किसानों के मुद्दे पर संसद में गरजे सांसद राजकुमार चाहर, कृषि अवसंरचना निधि पर सरकार ने रखे चौंकाने वाले आंकड़े
फतेहपुर सीकरी सांसद और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने लोकसभा में कृषि अवसंरचना निधि (AIF) योजना पर सवाल उठाकर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। जवाब में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 11 मार्च 2026 तक 1,70,241 परियोजनाएं मंजूर हुई हैं और ₹84,502.78 करोड़ का निवेश स्वीकृत किया गया है। सरकार ने ₹1,431.44 करोड़ ब्याज अनुदान, ₹476.96 करोड़ क्रेडिट गारंटी और ₹62,219.10 करोड़ की राशि जारी होने की जानकारी दी। IIM अध्ययन के अनुसार योजना से फसल नुकसान घटा, बाजार पहुंच बढ़ी, किसानों को बेहतर मूल्य मिला और आय में 11% से 25% तक वृद्धि हुई है।
एआईएफ योजना से 1.70 लाख से अधिक परियोजनाएं मंजूर, किसानों को मिला ₹84,502 करोड़ से ज्यादा का लाभकारी निवेश, आय बढ़ी, फसल नुकसान घटा
आगरा। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजकुमार चाहर ने लोकसभा में कृषि क्षेत्र से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे को मजबूती से उठाते हुए केंद्र सरकार का ध्यान कृषि अवसंरचना निधि (Agriculture Infrastructure Fund - AIF) के प्रभावी क्रियान्वयन की ओर आकर्षित किया। सांसद चाहर ने योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं, किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे ऋण, ब्याज अनुदान, क्रेडिट गारंटी तथा किसानों को हो रहे वास्तविक लाभों पर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।
सांसद राजकुमार चाहर के सवाल का जवाब देते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में बताया कि 11 मार्च 2026 तक देशभर में 1,70,241 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं पर ₹84,502.78 करोड़ के कुल निवेश को स्वीकृति दी गई है। मंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में परियोजनाएं संचालित हैं, जिनसे ग्रामीण कृषि अवसंरचना को नई मजबूती मिल रही है।
किसानों, एफपीओ और सहकारी समितियों को मिला संस्थागत ऋण
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), सहकारी समितियों और कृषि उद्यमियों को इसी राशि के अनुरूप संस्थागत ऋण स्वीकृत किया गया है। इससे कृषि क्षेत्र में निजी एवं सामुदायिक निवेश को गति मिली है और ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि ढांचे के निर्माण को बढ़ावा मिला है।
मंत्री ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि अब तक योजना के तहत ₹1,431.44 करोड़ का ब्याज अनुदान दिया जा चुका है। ₹476.96 करोड़ की क्रेडिट गारंटी प्रदान की जा चुकी है। किसानों और उद्यमियों को राहत पहुंचाने के लिए ऋण सुविधा को अधिक सरल बनाया गया है। यह वित्तीय सहायता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे उन्हें कम ब्याज दर पर कृषि ढांचा विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
चरणबद्ध तरीके से जारी हो रही ऋण राशि
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि एआईएफ योजना के तहत ऋण वितरण परियोजनाओं की प्रगति (माइलस्टोन) के अनुसार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वीकृत परियोजनाएं समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी हों। सरकार के अनुसार अब तक ₹62,219.10 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है। यह दर्शाता है कि योजना सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर क्रियान्वित हो रही है।
आईआईएम अध्ययन ने बताए योजना के सकारात्मक परिणाम
सांसद राजकुमार चाहर द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में सरकार ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) के अध्ययन का हवाला देते हुए योजना के सकारात्मक प्रभावों को भी सदन के सामने रखा। अध्ययन के अनुसार AIF योजना का किसानों पर उल्लेखनीय असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में 5% से 15% तक कमी आई है। बाजार तक पहुंच में 10% से 25% तक सुधार हुआ है। 63% किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हुआ है। किसानों की आय में 11% से 25% तक वृद्धि दर्ज की गई है। ये आंकड़े इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि कृषि अवसंरचना में निवेश से किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी कृषि अवसंरचना निधि (AIF) योजना के तहत देशभर में कृषि ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेज़ी से काम किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से गोदामों का निर्माण, कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार, प्रसंस्करण (Processing) इकाइयों की स्थापना, सप्लाई चेन और भंडारण क्षमता में सुधार और किसानों को बेहतर बाजार संपर्क जैसी सुविधाओं को बढ़ावा मिल रहा है। इससे किसानों को अपनी उपज को सुरक्षित रखने, उचित समय पर बेचने और बेहतर दाम हासिल करने में मदद मिल रही है।
सांसद की पहल को माना जा रहा किसानों के हित में बड़ा कदम
लोकसभा में इस मुद्दे को उठाकर सांसद राजकुमार चाहर ने न सिर्फ अपने संसदीय क्षेत्र बल्कि देशभर के किसानों से जुड़े एक अहम विषय को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखा है। राजनीतिक और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि संसद में इस तरह के सवालों से योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ती है और किसानों तक वास्तविक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया और मजबूत होती है। राजकुमार चाहर द्वारा उठाया गया यह मुद्दा किसानों को केंद्र सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक पहल माना जा रहा है।