भारत और जापान में कई अरब के समझौते, ट्रंप को बड़ा मैसेज

भारत और जापान ने आर्थिक साझेदारी को मजबूत करते हुए अरबों के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह निवेश उद्योग, स्वच्छ ऊर्जा और मानव संसाधन के क्षेत्रों में होगा। जापान का लक्ष्य भारत में एक दशक में 10 हजार अरब येन का निवेश करना है, जिससे भारत एक एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित होगा।

Aug 29, 2025 - 20:50
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भारत और जापान में कई अरब के समझौते, ट्रंप को बड़ा मैसेज


 
टोक्यो। भारत में जापानी निवेश की सुनामी आने वाली है। दोनों देशों ने अपनी आर्थिक साझेदारी को और मजबूत किया है। भारत और जापान के बीच कई समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इन समझौतों के तहत जापान भारत में 10 अरब येन (लगभग 5,99,354 करोड़ रुपये) से ज्यादा का निवेश करेगा। यह निवेश कई क्षेत्रों में होगा। इनमें उद्योग, स्वच्छ ऊर्जा और मानव संसाधन का आदान-प्रदान शामिल है। भारत अब दुनिया की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जापान का बढ़ता निवेश भारत की क्षमता पर विश्वास का संकेत है। यह अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को भी मैसेज है कि वह दुनिया पर धौंस जमाने की भूल न करें। और भी देश हैं जिनके जरिये अमेरिका में एक्‍सपोर्ट के नुकसान की भरपाई भारत कर सकता है।

जापान ने शुक्रवार को भारत में एक दशक में 10 हजार अरब येन के निवेश का लक्ष्य रखा है। दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण खनिजों, रक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए बड़ी रूपरेखा तैयार की। यह फैसला व्यापार और टैरिफ पर अमेरिकी ट्रंप प्रशासन की नीतियों के कारण आर्थिक उथल-पुथल के बीच लिया गया। भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के विस्तार की घोषणाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा के बीच शिखर वार्ता के बाद की गईं।  

पिछले दो सालों में जापानी कंपनियों ने भारत के साथ 170 से ज्यादा एमओयू पर साइन किए हैं। निप्‍पॉन स्‍टील गुजरात और आंध्र प्रदेश में 7,100 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। सुजुकी मोटर गुजरात में अपने बेस को बढ़ाने के लिए 38,200 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। टोयोटा किर्लोस्‍कर कर्नाटक और महाराष्ट्र में नए और विस्तारित सुविधाओं के लिए 23,300 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। सुमितोमो रिटयलिटी रियल एस्टेट में 4.76 अरब डॉलर, जेएफई स्‍टील 44,500 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रिकल स्टील प्रोजेक्ट, ओसाका गैस 400 मेवा के रिन्‍यूएबल एनर्जी इन्‍वेस्‍टमेंट और एस्‍ट्रोस्‍केल इसरो के साथ कमर्शियल सैटेलाइट लॉन्च करेगी। इन समझौतों से भारतीय एसएमई के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।

जापान और भारत के बीच हुए ताजा समझौतों से भारत की अर्थव्यवस्था को काफी फायदा होगा। भारत में जापान अलग-अलग सेक्टरों में निवेश करेगा। इससे भारत में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

जापानी कंपनियां भारत के ग्रामीण इलाकों में भी निवेश कर रही हैं। सोजिट्ज कॉर्पोरेशन और इंडियन ऑयल मिलकर 30 बायोगैस प्लांट लगाएंगे। इसमें 39.5 करोड़ डॉलर का निवेश होगा। इससे किसानों को फसल के अवशेषों से अतिरिक्त आय होगी। सुजुकी मोटर नेशनल डेयरी डेपलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर गुजरात में चार बायोगैस प्लांट बनाएगी। इसमें 230 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे गाय के गोबर को सीएनजी वाहनों के लिए कार्बन-न्यूट्रल ईंधन में बदला जाएगा। इन परियोजनाओं से उत्सर्जन कम होगा, रोजगार पैदा होंगे और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।