आगरा में 8 साल की मासूम के कातिल का अंत, पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ सुनील, ताजगंज हत्याकांड का हुआ ‘द एंड’

आगरा के ताजगंज में 8 वर्षीय बच्ची की हत्या के मुख्य आरोपी सुनील को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। बच्ची 24 मार्च को लापता हुई थी और 25 मार्च को उसका शव आरोपी के किराए के कमरे से मिला था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 12 टीमें, 70 पुलिसकर्मी, 250 CCTV फुटेज और 22 लोगों से पूछताछ की गई। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। देर शाम मिली सूचना पर पुलिस ने बमरौली कटारा में घेराबंदी की। खुद को घिरता देख सुनील ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक उपनिरीक्षक घायल हुआ। जवाबी कार्रवाई में सुनील गोली लगने से घायल हुआ और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौके से 315 बोर तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद हुई।

Mar 28, 2026 - 09:19
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आगरा में 8 साल की मासूम के कातिल का अंत, पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ सुनील, ताजगंज हत्याकांड का हुआ ‘द एंड’
मुठभेड़ स्थल पर आरोपी को ढेर करने वाली पुलिस टीम। नीचे अस्पताल पहुंचे अधिकारी।

12 टीमों, 70 पुलिसकर्मियों, 250 सीसीटीवी और ताबड़तोड़ दबिश के बाद बमरौली कटारा में घिरा आरोपी, पुलिस पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में मारा गया

आगरा। आगरा के बहुचर्चित 8 वर्षीय बच्ची हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा और निर्णायक एक्शन लेते हुए देर रात करीब तीन बजे मुख्य आरोपी सुनील को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। ताजगंज क्षेत्र से 24 मार्च को लापता हुई मासूम बच्ची का शव अगले दिन आरोपी सुनील के किराए के कमरे से बरामद हुआ था। इस निर्मम वारदात के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया था और पुलिस पर आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का भारी दबाव था।

आखिरकार, लगातार कई दिनों तक चली ताबड़तोड़ दबिश, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मुखबिर तंत्र, सीसीटीवी स्कैनिंग और 12 पुलिस टीमों की घेराबंदी के बाद पुलिस ने आरोपी को बमरौली कटारा इलाके में ट्रेस कर लिया।

पुलिस के अनुसार खुद को चारों तरफ से घिरता देख आरोपी सुनील ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। इस दौरान एक उपनिरीक्षक घायल हो गया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी सुनील गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ। उसे तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

24 मार्च को गायब बच्ची का 25 मार्च को आरोपी के कमरे से मिला था शव

ताजगंज क्षेत्र की 8 वर्षीय मासूम बच्ची 24 मार्च को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन अगले ही दिन पूरे मामले ने उस समय भयावह मोड़ ले लिया, जब बच्ची का शव आरोपी सुनील के किराए के कमरे से बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ बर्बरता और हत्या की पुष्टि ने पूरे शहर को झकझोर दिया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा।

पुलिस का मेगा ऑपरेशन

आरोपी सुनील की गिरफ्तारी के लिए आगरा पुलिस ने इस केस को हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन की तरह लिया। उसकी खोज के लिए 12 विशेष टीमें गठित की गईं। करीब 70 पुलिसकर्मियों को लगातार दबिश और ट्रैकिंग में लगाया गया। आरोपी के करीबी, रिश्तेदार, दोस्त और परिवारीजनों समेत 22 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने 250 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपी की मूवमेंट ट्रेस की। इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और मुखबिर नेटवर्क को भी एक्टिव किया गया। कल दिन में डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। 

सूत्रों के मुताबिक देर शाम पुलिस को आरोपी की लोकेशन से जुड़ी अहम जानकारी मिली, जिसके बाद टीमों ने तेजी से घेराबंदी की रणनीति अपनाई। देर रात तीन बजे करीब बमरौली कटारा क्षेत्र में उसे घेर लिया।

पुलिस पर फायरिंग, फिर जवाबी कार्रवाई

पुलिस जब बमरौली कटारा इलाके में आरोपी के बेहद करीब पहुंची, तब सुनील ने बचने के लिए हथियार निकालकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस फायरिंग में एक उपनिरीक्षक घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने संयमित लेकिन सख्त जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान चली गोली आरोपी सुनील को लगी। पुलिस ने उसे तुरंत कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से पुलिस ने आरोपी के पास से 315 बोर का तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस
एक बाइक बरामद की है।

मासूम के कातिल का ‘द एंड’, पुलिस ने दिया सख्त संदेश

इस मुठभेड़ ने साफ कर दिया कि मासूमों के हत्यारों के लिए आगरा पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। जिस तरह से इस केस में पुलिस ने लगातार दबिश, तकनीकी जांच, मुखबिर नेटवर्क, सीसीटीवी ट्रैकिंग और मल्टी-लेयर ऑपरेशन चलाया, उससे यह संदेश गया है कि संवेदनशील मामलों में पुलिस अब त्वरित और निर्णायक कार्रवाई के मूड में है।

शहर में इस एनकाउंटर के बाद लोगों के बीच राहत की भावना देखी जा रही है। बच्ची की हत्या से उपजे आक्रोश के बीच आरोपी का मारा जाना पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

आगरा पुलिस का हाई-इंटेंसिटी ऑपरेशन बना मिसाल

इस पूरे ऑपरेशन में आगरा पुलिस ने जिस तेजी, समन्वय और दबाव में काम किया, वह उल्लेखनीय रहा। घटना के बाद तत्काल केस को हाई प्रायोरिटी पर लिया गया। कई थानों और यूनिट्स की संयुक्त टीमें लगाई गईं। आरोपी के सोशल, पारिवारिक और लोकल नेटवर्क को तोड़ा गया। रिश्तेदारों, करीबियों और परिचितों पर दबाव बनाकर लोकेशन निकाली गई। 250 सीसीटीवी फुटेज से मूवमेंट पैटर्न तैयार किया गया। इनामी घोषणा के बाद जमीनी और तकनीकी सर्च ऑपरेशन तेज हुआ। अंततः पुलिस ने आरोपी को भागने का मौका नहीं दिया। यह कार्रवाई बताती है कि पुलिस ने सिर्फ तलाश नहीं की, बल्कि आरोपी को ‘सिस्टमेटिक हंट’ करके घेरा।