‘हक’ फिल्म न देखें मुस्लिम महिलाएं, मौलाना रजवी बोले- ये हिन्दू-मुस्लिम ऐंगल वाली फिल्म है

-आरके सिंह- बरेली। शाहबानो केस और तीन तलाक़ कानून पर आधारित फिल्म ‘हक’ को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुस्लिम महिलाओं से फिल्म न देखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री को अब ऐसे विषयों पर फिल्में बनाने की आदत हो गई है, जिनमें हिंदू-मुस्लिम ऐंगल निकालना आसान हो।

Nov 6, 2025 - 13:33
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‘हक’ फिल्म न देखें मुस्लिम महिलाएं, मौलाना रजवी बोले- ये हिन्दू-मुस्लिम ऐंगल वाली फिल्म है

हाल ही में रिलीज हुई इस फिल्म में इमरान हाशमी और यामी गौतम ने मुख्य भूमिका निभाई है। यह फिल्म तीन तलाक़ के मुद्दे और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आधारित है, जिसे लेखिका जिगना बोरा की किताब ‘बानो: भारत की बेटी’ से प्रेरित बताया गया है।

मौलाना ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री, हुकूमत और मीडिया अब मुसलमानों की कमजोर नब्ज़ पकड़ने में माहिर हो गए हैं। तीन तलाक़ मुसलमानों की कमजोर कड़ी बन चुकी है, और अब इसी मुद्दे को बार-बार उछाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1985 में शाहबानो केस के वक्त भी देशभर में जबरदस्त हंगामा हुआ था, और ‘हक’ फिल्म उसी प्रसंग को दोहराती है।

मौलाना शहाबुद्दीन ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई एक पुरानी मुलाकात का ज़िक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा था कि अगर मुस्लिम धर्मगुरु अपनी मजहबी ज़िम्मेदारियां निभाते, तो सरकार को तीन तलाक़ पर कानून बनाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। सरकार ने मजबूर होकर मुस्लिम महिलाओं की समस्याओं को देखते हुए कानून बनाया।

उन्होंने आगे कहा कि मैंने बचपन से अब तक कभी कोई फिल्म नहीं देखी, और न ही मुस्लिम महिलाओं से कहूंगा कि वे ‘हक’ फिल्म देखें। यह फिल्म हमारे समाज की संवेदनाओं के साथ खेलती है।

फिल्म के रिलीज़ के बाद मुस्लिम समाज के कई संगठनों ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया दी है। अब यह देखना होगा कि ‘हक’ को लेकर विवाद और कितना गहराता है।

SP_Singh AURGURU Editor