आगरा में ट्रांसपोर्टर असगर अली की मौत पर गहराया रहस्य, पुलिस अब भी सड़क हादसे के एंगल पर कायम

आगरा के ट्रांसपोर्टर असगर अली की मौत का मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। सोमवार तक भी पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया, जबकि परिजनों ने दो महिला GST अधिकारियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले को सड़क हादसा मान रही है। जांच में एक जालौन नंबर की कार सामने आई है, जिसे टक्कर मारने वाला वाहन बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द सच्चाई सामने लाई जाएगी। फिलहाल मामला सड़क दुर्घटना और हत्या के आरोपों के बीच उलझा हुआ है।

Apr 7, 2026 - 12:53
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आगरा में ट्रांसपोर्टर असगर अली की मौत पर गहराया रहस्य, पुलिस अब भी सड़क हादसे के एंगल पर कायम
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आगरा। शहर के चर्चित ट्रांसपोर्टर असगर अली की संदिग्ध मौत को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। घटना के कई दिन बाद भी मामला उलझा हुआ है और सोमवार तक भी पुलिस की ओर से कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, जिससे परिजनों में भारी नाराजगी और आक्रोश बना हुआ है।

मृतक के परिजनों ने इस पूरे मामले में बड़ा और गंभीर आरोप लगाते हुए दो महिला जीएसटी अधिकारियों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि असगर अली की मौत कोई सामान्य सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या हो सकती है। परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

वहीं दूसरी ओर, पुलिस फिलहाल इस मामले को सड़क हादसे के रूप में देख रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अब तक मिले सीसीटीवी फुटेज और प्रारंभिक जांच के आधार पर यह मामला प्रथम दृष्टया सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस ने यह भी साफ किया है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और हर पहलू को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस की जांच में एक जालौन नंबर की कार सामने आई है, जिसे असगर अली को टक्कर मारने वाली गाड़ी माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस उस कार की तलाश में जुटी हुई है। कार की बरामदगी और उसके चालक की पहचान इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम कड़ी मानी जा रही है।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि यह महज सड़क हादसा था, तो फिर परिजनों ने दो महिला जीएसटी अधिकारियों पर इतने गंभीर आरोप क्यों लगाए? क्या मौत से पहले कोई विवाद, दबाव, लेन-देन या अन्य विवादित परिस्थितियां थीं? यही सवाल अब इस केस को और ज्यादा संवेदनशील और चर्चित बना रहे हैं।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले को हल्के में लेकर सिर्फ सड़क हादसे की दिशा में जांच कर रही है, जबकि उन्हें हत्या की आशंका है। परिवार का कहना है कि जब तक सभी संदिग्ध पहलुओं की गहराई से जांच नहीं होगी, तब तक असगर अली को न्याय नहीं मिल सकेगा।

सोमवार को भी मुकदमा दर्ज न होने से परिवार और समर्थकों में रोष बढ़ गया। उनका कहना है कि यदि हत्या के आरोप सामने आए हैं, तो पुलिस को कम से कम एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू करनी चाहिए, ताकि किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो और सच सामने आ सके।

पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल के हालात, वाहन की लोकेशन और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों ने दावा किया है कि मामले की सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी और जो भी तथ्य होंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला सड़क हादसा या साजिशन हत्या, इन दो पहलुओं के बीच फंसा हुआ है। शहर में इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर असगर अली की मौत के पीछे सच्चाई क्या है।

अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। अगर जालौन नंबर की संदिग्ध कार बरामद होती है और उसके चालक तक पुलिस पहुंचती है, तो यह केस नया मोड़ ले सकता है। वहीं, परिजनों के आरोपों की दिशा में भी जांच हुई तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।