पीएम मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नामीबिया द्वारा सम्मानित किया गया है, जहां उन्हें 'ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्विट्सचिया मिराबिलिस' से नवाजा गया। यह पुरस्कार नामीबिया के राष्ट्रपति की ओर से दिया गया।
विंडहोक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्विट्सचिया मिराबिलिस' से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार नामीबिया की स्वतंत्रता के बाद 1995 में शुरू किया गया था। यह पुरस्कार विशिष्ट सेवा और नेतृत्व के लिए प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार पीएम मोदी को उनकी नामीबिया यात्रा के दौरान मिला। इस यात्रा में दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई और समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
नामीबिया ने 1990 में स्वतंत्रता प्राप्त की थी। इसके बाद यह पुरस्कार शुरू किया गया। 'वेल्विट्सचिया मिराबिलिस' नामीबिया का एक खास पौधा है। यह रेगिस्तान में पाया जाता है। यह पौधा मुश्किल परिस्थितियों में भी जीवित रहता है। इसलिए यह नामीबिया के लोगों की ताकत और लंबे जीवन का प्रतीक है।
पीएम मोदी को यह 27वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। इस दौरे में यह उन्हें मिला चौथा पुरस्कार है। नामीबिया की राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह ने पीएम मोदी को यह पुरस्कार दिया।
नामीबिया की राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह ने कहा, "नामीबिया के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्ति के अनुसार, मैं भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को 'ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्विट्सचिया मिराबिलिस' से सम्मानित करती हूं। उन्होंने नामीबिया और विश्व स्तर पर सामाजिक-आर्थिक विकास और शांति और न्याय को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।"
इससे पहले, पीएम मोदी ने नामीबिया के राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह के साथ बातचीत की। उन्होंने डिजिटल तकनीक, रक्षा, सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने भारत और नामीबिया के बीच संबंधों की पूरी समीक्षा की।
यह पीएम मोदी की नामीबिया की पहली यात्रा है। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की तीसरी नामीबिया यात्रा है। इस यात्रा से भारत और नामीबिया के बीच संबंध और मजबूत होंगे। दोनों देश कई क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। पीएम मोदी को मिला यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच दोस्ती का प्रतीक है। यह पुरस्कार भारत और नामीबिया के संबंधों को और भी मजबूत करेगा। दोनों देश मिलकर विकास और शांति के लिए काम करेंगे।