नंदलाल बने दूल्हा, रुक्मणि बनी दुल्हन…श्रीकृष्ण–रुक्मणि विवाह लीला में डूबा समाधि पार्क मंदिर

आगरा। शंखनाद, मंगल गीत और भक्ति रस से सराबोर वातावरण में समाधि पार्क मंदिर, सूर्य नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिवस श्रीकृष्ण–रुक्मणि विवाह लीला का अत्यंत भावपूर्ण और अलौकिक मंचन हुआ। नंदलाल के दूल्हा रूप और लक्ष्मी स्वरूपा रुक्मणि के दुल्हन बनने के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को आत्मा–परमात्मा के दिव्य मिलन का साक्षी बना दिया।

Dec 31, 2025 - 20:00
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नंदलाल बने दूल्हा, रुक्मणि बनी दुल्हन…श्रीकृष्ण–रुक्मणि विवाह लीला में डूबा समाधि पार्क मंदिर
समाधि पार्क मंदिर, सूर्य नगर में श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिवस श्रीकृष्ण–रुक्मणि विवाह लीला प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करतीं कथा व्यास श्री कीर्ति किशोरी एवं सजीव स्वरूप।

आगरा के समाधि पार्क मंदिर, सूर्य नगर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन श्रद्धा, प्रेम और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान जैसे ही श्रीकृष्ण–रुक्मणि विवाह लीला का प्रसंग आरंभ हुआ, पूरा पंडाल शहनाई, मंगल गीतों और राधे-कृष्ण के जयघोषों से गूंज उठा।
कथा व्यास कीर्ति किशोरी (श्रीधाम वृन्दावन) ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचन में बताया कि रुक्मणि जी केवल विदर्भ की राजकुमारी नहीं, बल्कि लक्ष्मी स्वरूपा जीवात्मा हैं, जो श्रीकृष्ण रूपी परमात्मा को ही अपना सर्वस्व मानकर उनसे एकाकार होती हैं। यह विवाह सांसारिक बंधन नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के शाश्वत मिलन का प्रतीक है।

इस दिव्य विवाह लीला के मुख्य यजमान संजय–संगीता गुप्ता एवं रोहित जैन रहे। यजमान परिवार ने पूर्ण श्रद्धा, वैदिक विधि-विधान, पूजन और सेवा भाव के साथ समस्त अनुष्ठानों का निर्वहन किया। कथा व्यास ने कहा कि जैसे रुक्मणि जी ने पूर्ण समर्पण के साथ श्रीकृष्ण को वरण किया, वैसे ही जब श्रद्धालु प्रभु चरणों में स्वयं को अर्पित कर देते हैं, तब जीवन में शांति, आनंद और संतोष का अनुभव होता है।

मंगल गीतों, पुष्प वर्षा और जयघोषों के बीच श्रीकृष्ण–रुक्मणि विवाह लीला सम्पन्न हुई। श्रद्धालुओं की आँखें भक्ति के अश्रुओं से भर उठीं और वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक उल्लास से भर गया।

कार्यक्रम में प्रमोद सिंघल, सतीश अग्रवाल, मुरारी प्रसाद अग्रवाल, राजेंद्र गुप्ता, कैप्टन राणा, मंगला रावत, राकेश नारंग, योगेश कंसल, राकेश–रेखा अग्रवाल, निखिल–वंदना गर्ग, प्रशांत–रितु मित्तल, विनोद सर्राफ, अमन–आरुषि, सागर–आयुषी, मुकेश–संगीता, माधुरी–अतुल चतुर्वेदी, सुनीता कमलनयन फतेहपुरिया, उर्मिल बंसल बालाजी, रोमा बंसल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

गुरुवार को श्रीकृष्ण–सुदामा मित्रता प्रसंग और हवन के साथ श्रीमद् भागवत कथा का समापन होगा।

SP_Singh AURGURU Editor