नारी अस्मिता समिति का आयोजनः आगरा क्लब में साहित्य, संस्कृति और संगठन शक्ति का संगम
आगरा। नारी अस्मिता समिति के तत्वाधान में आज आगरा क्लब का सभागार साहित्य, संस्कृति और नारी सशक्तिकरण की जीवंत अभिव्यक्ति का साक्षी बना। अवसर था राष्ट्रकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जन्म जयंती, बसंत पंचमी और समिति के संस्थापना दिवस का। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भावप्रवण काव्य-पाठ के बीच नई कार्यकारिणी की औपचारिक घोषणा भी की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभा माधुनी ने नारी अस्मिता समिति की नई कार्यकारिणी की घोषणा की। इसमें अनुराधा अग्रवाल को समिति का अध्यक्ष तथा नीरज कोटिया को सचिव नियुक्त किया गया। इसके साथ ही संगठन की जिम्मेदारियां किरण उपाध्याय, आकांक्षा शर्मा, रचना अग्रवाल, आरती शर्मा, सरोज भसीन, पंकज, ममता गुप्ता, कुसुम, निशा गुप्ता और पूनम गुप्ता को सौंपी गईं।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती आकांक्षा शर्मा ने किया। काव्य-सत्र में साहित्यिक वातावरण उस समय भावनाओं के शिखर पर पहुंच गया जब प्रसिद्ध कवयित्री भूमिका जैन ने- साध्य मां की साधना का गीत हूं... कविता का पाठ किया। इसके बाद कवित्री नूतन अग्रवाल की रचना- सशक्त है, कमाल है, समय की तू चाल है... ने नारी आत्मबल को स्वर दिया, वहीं कवयित्री राजश्री यादव की कविता- मैं भेजूंगी बसंत, तू बसंती हो जाना ने सभागार को बसंती रंगों से भर दिया।
कार्यक्रम का समापन समिति की पूर्व अध्यक्ष किरण उपाध्याय ने सभी अतिथियों, कवयित्रियों और उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार प्रकट करते हुए किया।
इस अवसर पर मंजू शर्मा, उमा, मीतू, रचना, प्रीति कविता, सरिता, दीपिका, सुषमा, मुन्नी, जया, संगीता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।