शहीद स्मारक पर गूंजा राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्”, जयवीर सिंह बोले – ‘यह भारत की आत्मा की आवाज है’
आगरा। राष्ट्रवाद के प्रतीक और स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरक गीत “वंदे मातरम्” के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी द्वारा 1875 में लिखे गए इस राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज शहीद स्मारक, संजय प्लेस पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आगरा। राष्ट्रवाद के प्रतीक और स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरक गीत “वंदे मातरम्” के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी द्वारा 1875 में लिखे गए इस राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज शहीद स्मारक, संजय प्लेस पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री व जनपद प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह रहे। उनके साथ महापौर हेमलता दिवाकर, विधायक रानी पक्षालिका सिंह, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, छोटेलाल वर्मा, धर्मपाल सिंह, लघु उद्योग निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण देखा और सुना।
मुख्य अतिथि जयवीर सिंह जी ने राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन में सभी के साथ स्वर मिलाया और उपस्थित जनसमूह को “आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी संकल्प” की शपथ दिलाई। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि वंदे मातरम् केवल राष्ट्रगीत नहीं, यह भारत की आत्मा की आवाज है। इस गीत ने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े भारत को नई राह दिखाई, साहस और एकता का संचार किया। यह गीत त्याग, समर्पण और श्रद्धा की भावना से ओतप्रोत है जिसने हर भारतीय को आजादी के आंदोलन में प्रेरित किया। उन्होंने आगे कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है, और इसके लिए हर नागरिक को अपनी बुद्धि, योग्यता और क्षमता को मातृभूमि की सेवा में लगाना होगा।
पत्रकारों से बातचीत में मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि “वंदे मातरम् वह मूल मंत्र है जिसने भारत को एक सूत्र में बांधा। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे नारे के रूप में अपनाया और हंसते-हंसते बलिदान दिया। यह गीत आज भी राष्ट्रीय एकता और अखंडता की प्रेरणा देता है।”
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
शिव शंकर शर्मा, हेमंत भोजवानी, मुनेंद्र जादौन, शरद चौहान, मनीष गौतम, शैलू शर्मा, रोहित कत्याल, डॉ. रुचि चतुर्वेदी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।