ताजमहल के 10 किमी दायरे में उद्योगों पर रोक संबंधी सीईसी की रिपोर्ट पर नेशनल चैम्बर को आपत्ति
ताजमहल से 10 किमी क्षेत्र में उच्च प्रदूषण स्कोर वाली इकाइयों पर रोक लगाने संबंधी सेन्ट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) की रिपोर्ट के विरोध में आगरा चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है। चैम्बर ने इसे उद्योगों व शहर के हितों के विरुद्ध बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता नियुक्त कर अपना पक्ष मजबूती से रखने का निर्णय लिया है।
शनिवार को चैम्बर सभागार में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल की अध्यक्षता में सेन्ट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) की ताजमहल संरक्षण संबंधी रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में चैम्बर ने सीईसी की कई सिफारिशों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कीं।
चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल ने बताया कि मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह द्वारा सीईसी की रिपोर्ट चैम्बर को उपलब्ध कराई गई थी। रिपोर्ट में ताजमहल के 10 किमी परिसर में उन उद्योगों के संचालन पर रोक लगाने की अनुशंसा की गई है जिनका प्रदूषण स्कोर 10 से अधिक है।
चैम्बर ने इसे पूर्णतः अव्यावहारिक और औचित्यहीन बताया। अध्यक्ष संजय गोयल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय पूर्व में ताजमहल के केवल 500 मीटर दायरे को संवेदनशील क्षेत्र मान चुका है। ऐसे में 10 किमी का विशाल दायरा तय कर देना न तो उद्योगों के हित में है, न ही शहर की आर्थिक संरचना के लिए उचित।
उन्होंने बताया कि चैम्बर शीघ्र ही सीईसी रिपोर्ट पर अपनी विस्तृत आपत्तियां मंडलायुक्त को भेजेगा।
संजय गोयल ने यह भी घोषणा की कि चैम्बर सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता नियुक्त कर सीईसी की रिपोर्ट पर अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखेगा, ताकि उद्योगों के हितों की रक्षा की जा सके और आगरा की औद्योगिक गतिविधियाँ अनावश्यक प्रतिबंधों की गिरफ्त में न आएं।
बैठक में शामिल सदस्यों ने भी सर्वसम्मति से सीईसी रिपोर्ट को ताजमहल संरक्षण के सही उद्देश्य से परे बताते हुए व्यापक आपत्तियां दर्ज कराई।
बैठक में उपस्थित अपत्तिकर्ताओं में चैम्बर अध्यक्ष संजय गोयल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, अमर मित्तल, भुवेश अग्रवाल, शलभ शर्मा, राकेश चौहान, मनोज बंसल, अम्बा प्रसाद गर्ग और अंशुल अग्रवाल शामिल रहे।