आगरा में आठ फरवरी को गांधीनगर पार्क में संतों-कवियों-विचारकों के महाकुंभ में होगा राष्ट्रचिंतन
आगरा। आस्था, राष्ट्रबोध और सनातन मूल्यों के संरक्षण का संदेश लेकर ताजनगरी आगरा एक बार फिर वैचारिक चेतना का केंद्र बनने जा रही है। स्वामी विवेकानंद की ओजस्वी विचारधारा से प्रेरित विराट हिंदू सम्मेलन के माध्यम से 8 फरवरी को गांधीनगर पार्क में संतों, कवियों और विचारकों का ऐसा संगम होगा, जो समाज को आत्मगौरव, सांस्कृतिक जागरण और संगठित हिंदू चेतना की दिशा में प्रेरित करेगा।
आमंत्रण पत्र विमोचन के साथ हुआ सम्मेलन का औपचारिक ऐलान
विवेकानंद हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन के आमंत्रण पत्र का विमोचन एवं प्रेस वार्ता नेहरू नगर स्थित राधा कृष्ण मंदिर में श्रद्धा और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इस अवसर पर सम्मेलन के उद्देश्य, स्वरूप और कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
आमंत्रण पत्र विमोचन समारोह के संयोजक महंत अनंत उपाध्याय ने बताया कि विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन 8 फरवरी (शनिवार) को प्रातः 10:30 बजे, गांधीनगर पार्क, गांधीनगर में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में वंशीवट पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर जयराम दास महाराज एवं मोहनी शरण महाराज (वृंदावन) सनातन धर्म, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर ओजस्वी उद्बोधन देंगे।
स्वामी विवेकानंद की विचारधारा से प्रेरित सम्मेलन
नगर प्रचारक डॉ. इंद्रप्रकाश सोलंकी ने कहा कि यह विराट हिंदू सम्मेलन स्वामी विवेकानंद की विचारधारा से अनुप्राणित है। उन्होंने धर्मांतरण जैसे संवेदनशील विषयों पर स्वामी विवेकानंद के स्पष्ट विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज समाज को आत्मबोध, आत्मगौरव और सांस्कृतिक जागरण की सर्वाधिक आवश्यकता है, जिसे यह सम्मेलन सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगा।
ओजस्वी कविताओं से गूंजेगा सम्मेलन स्थल
कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए सतीश गुप्ता (इंजीनियर) ने बताया कि सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय कवयित्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी एवं सुप्रसिद्ध कवि लटूरी लट्ठ अपनी ओजस्वी काव्य-रसधारा से श्रोताओं को भावविभोर करेंगे। उन्होंने बताया कि इस विराट आयोजन में ढाई हजार से अधिक लोगों की सहभागिता की संभावना है।
पूर्वी क्षेत्र में हिंदू संगठन की दिशा में बड़ा प्रयास
श्री कृष्ण लीला समिति के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि पूर्वी क्षेत्र में यह आयोजन हिंदू समाज को संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की विचारधारा को आधार मानते हुए कहा कि यह सम्मेलन हिंदू चेतना को जाग्रत करने और नवीन सनातनी भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में लोगों से सम्मेलन में सहभागिता करने का आह्वान किया।
प्रेस वार्ता एवं आमंत्रण पत्र विमोचन अवसर पर मनोज अग्रवाल, अपूर्वा सिंह सहित समिति के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।