नौसेना को जल्द ही मिलेगी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन

  भारतीय नौसेना को स्वदेशी न्यूक्लीयर पॉवर से लैस एक और सबमरीन मिलने जा रही है। नेवी चीफ ने खुद इस बात का ऐलान किया है।

Dec 2, 2025 - 16:09
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नौसेना को जल्द ही मिलेगी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन

नई दिल्ली। भारत को जल्द ही एक और परमाणु क्षमता से लैस स्वदेशी पनडुब्बी आईएनएस अरिदमन मिलने जा रही है। ये न्यूक्लियर सबमरीन जल्द ही इंडियन नेवी में कमीशन होने वाली है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने मंगलवार को ये ऐलान किया। उन्होंने बताया कि ये एक बेहद मॉडर्न परमाणु पॉवर से लैस सबमरीन है, जो अपने ट्रायल के आखिरी दौर में है। जल्द ही इसे नौसेना में सेवा के लिए कमीशन किया जाएगा।

नेवी चीफ ने इस दौरान बताया कि जल्द ही भारतीय नौसेना में महिला सबमरीनर्स को शामिल करने पर काम चल रहा है। पिछले नौसेना दिवस के बाद से हमने इंडियन नेवी की ताकत में इजाफे के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। एक पनडुब्बी आईएनएस वागशीर का कमीशन किया गया। इस दौरान कुल 12 युद्धपोत भी शामिल किए गए हैं। इसके अलावा नेवी की क्षमता में बढ़ोतरी के लिए कई हथियारों पर भी फोकस बढ़ाया है।  

चीफ ऑफ नवल स्टाफ, एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कहा कि हमने हाल ही में एक पनडुब्बी को शामिल किया। इसे प्रधानमंत्री ने 15 जनवरी को ट्राई-शिप कमीशनिंग इवेंट के दौरान कमीशन किया था। पिछले नेवी डे के बाद से 12 वॉरशिप शामिल किए हैं। INS उदयगिरी, जिसे अगस्त में विशाखापत्तनम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमीशन किया था। ये हमारे अपने वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो की ओर से बनाया गया हमारा 100वां स्वदेशी वॉरशिप था। इसे सेलिब्रेट करने के लिए, हमने 'शिपबिल्डिंग के जरिए नेशन बिल्डिंग' टाइटल से एक सेमिनार किया।

नौसेना प्रमुख ने बताया कि अब हम जल्द ही स्वदेश में निर्मित न्यूक्लियर पॉवर से लैस एक और सबमरीन आईएनएस अरिदमन को कमीशन करने जा रहे हैं। आईएनएस अरिदमन का ट्रायल फाइनल राउंड में है। इससे पहले हमारा पहला कमीशन किया गया शिप INS माहे है। इसे 24 नवंबर को कमीशन किया गया था।

नेवी चीफ दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि आईएनएस माहे, अपनी तरह का पहला वॉरशिप है, जिसे एक प्राइवेट इंडियन डिजाइनर ने डिजाइन और बनाया है। इसका जिक्र प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' के दौरान भी किया था।

नौसेना प्रमुख ने बताया कि 24 दिसंबर से हमें 94 कैपिटल केस के लिए भी मंजूरी मिली है। इनकी कीमत लगभग 1,27,554 करोड़ रुपये है। इनमें शामिल हैं 47 जहाज और 120 तेज इंटरसेप्टर क्राफ्ट। हमने लगभग 84,762 करोड़ रुपये के 83 कैपिटल केस के लिए कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किए हैं, जिसमें लगभग 7,000 करोड़ रुपये के 46 इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट केस शामिल हैं।

नेवी चीफ दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि हमें 25 अप्रैल को 26 राफेल एयरक्राफ्ट के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करके खुशी हुई। इस कॉन्ट्रैक्ट में बेशक पांच साल के लिए परफॉर्मेंस-बेस्ड लॉजिस्टिक्स शामिल है और हमें उम्मीद है कि 2029 में चार का पहला सेट मिल जाएगा। हमने नेशनल मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस प्रोजेक्ट के लिए भी कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है।

बेस डिपो शिप, अरावली को भी कमीशन किया है। दोनों मिलकर सात मंत्रालयों और पंद्रह नेशनल एजेंसियों से डेटा इकट्ठा करेंगे। इसका इस्तेमाल न केवल भारतीय नौसेना बल्कि कोई भी व्यक्ति कर सकता है जो यह समझने के लिए इसका इस्तेमाल करना चाहता है कि मैरीटाइम डोमेन में क्या हो रहा है।