बुरा फंसा न्यू आगरा थाने का दरोगा लोकेश भाटी, पत्नी को जहर देने के आरोप में अब परिवरीजन भी मुकदमे में नामजद
आगरा के थाना न्यू आगरा में तैनात दरोगा लोकेश भाटी पर उनकी पत्नी मीनाक्षी को जबरन जहरीला पदार्थ खिलाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता के पिता संजय भाटी ने आरोप लगाया कि शादी में 21 लाख नकद, स्कॉर्पियो कार और जेवर देने के बावजूद उनकी बेटी को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि 29 मार्च को लायर्स कॉलोनी स्थित मकान में दरोगा और उसके परिजनों ने मिलकर मीनाक्षी को जहर दिया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डीसीपी सिटी अली अब्बास से शिकायत के बाद पुलिस ने लोकेश भाटी, उसके माता-पिता और भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला अब दहेज उत्पीड़न से लेकर हत्या के प्रयास तक के गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में है।
दहेज के लिए प्रताड़ना से लेकर जबरन जहरीला पदार्थ खिलाने तक के आरोप, डीसीपी सिटी से शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस
आगरा। आगरा में पत्नी को जहर देने के आरोप में फंसे न्यू आगरा थाने के दरोगा लोकेश भाटी की मुसीबतें और बढ़ती जा रही है। उनके खिलाफ पहले ही पत्नी को जबरन जहरीला पदार्थ खिलाकर जान से मारने की कोशिश का मुकदमा दर्ज हो चुका है। अब इस मामले में दरोगा के साथ-साथ उसके माता-पिता और भाई को भी मुकदमे में नामजद किया गया है।
पीड़िता पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही लगातार दहेज की मांग, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा था। मामला तब और गंभीर हो गया जब 29 मार्च को आगरा की लायर्स कॉलोनी स्थित मकान में कथित रूप से पीड़िता मीनाक्षी को जबरन जहरीला पदार्थ खिला दिया गया। हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
शिकायत डीसीपी सिटी अली अब्बास तक पहुंचने के बाद पुलिस हरकत में आई और अब मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता के पिता संजय भाटी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी पूरे मान-सम्मान और सामर्थ्य से की थी।
उनका दावा है कि शादी में 21 लाख रुपये नकद, स्कॉर्पियो कार, सोने-चांदी के जेवर,
और अन्य कीमती सामान दिया गया था। इसके बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुईं। आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी मीनाक्षी को अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा।
परिजनों का कहना है कि जब मीनाक्षी ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट, मानसिक दबाव और अपमानजनक व्यवहार किया गया। आखिरकार 29 मार्च को कथित रूप से ऐसा खौफनाक घटनाक्रम हुआ, जिसने पूरे मामले को हत्या के प्रयास जैसी गंभीर दिशा दे दी।
लायर्स कॉलोनी के मकान में ‘जहर कांड’ का आरोप
शिकायत के अनुसार, 29 मार्च को लायर्स कॉलोनी स्थित मकान में दरोगा लोकेश भाटी और उसके परिजनों ने मिलकर मीनाक्षी को जबरन जहरीला पदार्थ खिलाया। जहरीला पदार्थ खाने के बाद मीनाक्षी की हालत अचानक बिगड़ गई। उसे उल्टियां, घबराहट और शारीरिक असामान्यता होने लगी। हालत नाजुक देख परिजनों में हड़कंप मच गया और बाद में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते इलाज न मिलता, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। यही वजह है कि पीड़िता पक्ष ने इस मामले को सिर्फ दहेज प्रताड़ना नहीं, बल्कि सुनियोजित जानलेवा साजिश बताया है।
डीसीपी सिटी से शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
परिजनों का आरोप है कि मामले की गंभीरता के बावजूद शुरुआत में अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई। इसके बाद पीड़िता के पिता संजय भाटी ने सीधे डीसीपी सिटी अली अब्बास से शिकायत की। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला पहुंचने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया।
इस मुकदमे में नामजद किए गए हैं दरोगा लोकेश भाटी, लोकेश भाटी के पिता, लोकेश भाटी की माता, लोकेश भाटी का भाई। अब पुलिस पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक जांच, मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और पीड़िता के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
खाकी पर फिर सवाल: रक्षक ही बन गया भक्षक?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कानून की रक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाला एक पुलिसकर्मी खुद इतने गंभीर आरोपों में घिर जाए, तो आम जनता का भरोसा किस पर टिके? दरोगा पर लगे आरोप सिर्फ एक पारिवारिक विवाद भर नहीं हैं, बल्कि यह मामला दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और जहर देकर हत्या की कोशिश जैसे बेहद गंभीर अपराधों से जुड़ा हुआ है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि वर्दी की साख पर बड़ा दाग साबित होगा।
पुलिस जांच के ये बिंदु रहेंगे अहम
मामले की जांच में ये बिंदु बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। क्या पीड़िता को वास्तव में जहरीला पदार्थ दिया गया? मेडिकल रिपोर्ट में क्या पुष्टि होती है? घटना के समय मकान में कौन-कौन मौजूद था? क्या पहले से दहेज प्रताड़ना की शिकायतें या सबूत मौजूद हैं? शादी में दिए गए दहेज के दावों के समर्थन में क्या दस्तावेज या गवाह हैं? पीड़िता के बयान और अस्पताल रिकॉर्ड क्या कहते हैं?