नवीन गल्ला मंडी बना ब्रजधाम, श्री कृष्ण लीला रासोत्सव का शुभारंभ
आगरा। फिरोजाबाद रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी परिसर मंगलवार को उस समय साक्षात ब्रजधाम में परिवर्तित हो गया, जब श्री श्यामा श्याम भागवत आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित श्री कृष्ण लीला रासोत्सव का विधिवत शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ठाकुर जी के पूजन एवं आरती द्वारा किया गया।
शुभारंभ अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष हरी चंद्र गर्ग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र गोयल, राजीव गुप्ता, देवेश शाह, मंच व्यवस्थापक अनीश अग्रवाल, ओमप्रकाश बंसल एवं जयप्रकाश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से ठाकुर जी का पूजन कर रासोत्सव का उद्घाटन किया।
पूजन उपरांत राधे-राधे एवं नंद के आनंद भयो के जयघोष से संपूर्ण पंडाल गूंज उठा और वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत नित्य रासलीला के भावपूर्ण मंचन से हुई, जिसके बाद श्री कृष्ण जन्म लीला का अत्यंत मार्मिक मंचन प्रस्तुत किया गया। लीला क्रम में देवकी–वासुदेव विवाह, आकाशवाणी, कंस द्वारा देवकी व वासुदेव को कारागार में डालना, देवकी के छह पुत्रों का वध, बलराम अवतार तथा अंत में देवकी के आठवें पुत्र के रूप में श्री नारायण अर्थात श्री कृष्ण के अवतरण का सजीव चित्रण किया गया, जिसे देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
वृंदावन स्थित श्री रास बिहारी कृपा सेवा ट्रस्ट के स्वामी लक्ष्मण जी महाराज एवं स्वामी प्रदीप कृष्ण ठाकुर ने बताया कि रासोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन श्री कृष्ण लीला का शुभारंभ नित्य रासलीला के साथ किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि बुधवार प्रातः से श्री चैतन्य महाप्रभु लीला का मंचन आरंभ होगा, जबकि बुधवार सायंकाल नंदोत्सव लीला प्रस्तुत की जाएगी।
आयोजन समिति के अनुसार रासोत्सव के अंतर्गत 11 फरवरी को नंदोत्सव एवं शंकर भगवान लीला, 12 फरवरी को श्री कृष्ण जन्म लीला एवं उखल बंधन लीला, 13 फरवरी को दशावतार लीला, 14 फरवरी को माखन चोरी लीला, 15 फरवरी को शिवरात्रि अवसर पर शिव विवाह लीला, 16 फरवरी को गोपाल भक्त लीला, 17 फरवरी को स्वामी हरिदास जी लीला, 18 फरवरी को भक्त काले खान एवं मदन मोहन जी लीला, 19 फरवरी को सुदामा चरित्र, 20 फरवरी को भक्त नरसी चरित्र, 21 फरवरी को श्री गोवर्धन लीला, छप्पन भोग दर्शन एवं अन्नकूट प्रसादी वितरण, 22 फरवरी को कंस वध लीला, 23 फरवरी को महारास लीला तथा 24 फरवरी को श्री श्याम सगाई एवं होली का भव्य मंचन किया जाएगा। आयोजन का समापन 25 फरवरी को दोपहर 12 बजे प्रसादी एवं भंडारे के साथ किया जाएगा।