आगरा में तेज़ रफ़्तार का नया रास्ता: 15 जुलाई से खुलेगा उत्तरी बाईपास, शहर को मिलेगी राहत
आगरा में उत्तरी बाईपास बनकर तैयार हो चुका है। यह सुव्यवस्थित बुनियादी ढांचा विकास आगरा को नई गति और दिशा देने जा रहा है, जिससे न केवल पर्यटन, बल्कि औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
आगरा। चार सौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो चुका उत्तरी बाइपास अब उद्घाटन की दहलीज पर है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो 15 जुलाई से इस बाइपास को हल्के और भारी वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। फिलहाल इसमें अंतिम बाधा हाईटेंशन लाइन के 11 मीटर तक ऊंचा किए जाने की प्रक्रिया है, जो 12 जुलाई तक पूरी हो जाने की उम्मीद है। इस कार्य के पूरा होते ही एनएचएआइ टीम द्वारा बाइपास का सुरक्षा सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसके बाद इसे विधिवत चालू कर दिया जाएगा।
एक दशक पुराने प्रस्ताव से अब हुआ सपना साकार
उत्तरी बाइपास के निर्माण का प्रस्ताव दस वर्ष पूर्व तैयार किया गया था, लेकिन तीन बार तकनीकी बदलावों के चलते निर्माण में देरी होती रही। अंततः एनएचएआई आगरा खंड द्वारा वर्ष 2022 में निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। इसे मार्च 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन समयसीमा को पहले 30 अप्रैल, फिर 31 मई तक बढ़ाना पड़ा। इस देरी का मुख्य कारण दो स्थानों पर हाईटेंशन विद्युत लाइनों को ऊंचा करने की जरूरत रही, जिसमें से एक लाइन का कार्य पूरा हो चुका है और दूसरी 12 जुलाई तक पूरा होने की संभावना है।
कम होगा यात्रा का समय, बढ़ेगी रफ्तार
यह बाइपास नेशनल हाईवे-19 के रैपुरा जाट से शुरू होकर मिडावली (हाथरस) तक जाता है। इसके चालू होने से रैपुरा जाट से खंदौली की दूरी केवल 20 मिनट में तय की जा सकेगी, जो अभी 40 से 50 मिनट तक का समय लेती है। बाइपास चालू होने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि सिकंदरा चौराहे पर भारी वाहनों का दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा।
यमुना एक्सप्रेसवे से मिलेगा सीधा जुड़ाव
इस बाइपास को यमुना एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 141 पर जोड़ा गया है। इसका लाभ यह होगा कि अब नेशनल हाईवे से आने वाले वाहन सीधे यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रवेश कर सकेंगे। इस मार्ग में चार अंडरपास भी बनाए गए हैं, जिनसे कंजौली घाट, लालगढ़ी, बल्देव-सिकंदराबाद रोड और फरह क्षेत्र के लोगों को सुविधाजनक आवागमन मिलेगा। पोपा का बुर्ज गांव के लिए विशेष सर्विस रोड भी बनाई गई है।
वाहन चालकों को राहत, समय और ईंधन दोनों की बचत
एनएचएआई के परियोजना निदेशक के अनुसार, उत्तरी बाईपास के चालू होने से आगरा से अलीगढ़ या कानपुर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को अब शहर के अंदर से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे ईंधन की बचत, यात्रा में समय की कटौती, और शहर के यातायात दबाव में कमी होगी। विशेष रूप से सिकंदरा, बोदला और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे क्षेत्र भीड़भाड़ से राहत महसूस करेंगे।
इनर रिंग रोड का तीसरा चरण भी अंतिम चरण में
उत्तरी बाईपास के साथ ही अब आगरा को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। नेशनल हाईवे-19 को ग्वालियर रोड से जोड़ने वाली इनर रिंग रोड का तीसरा चरण भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। यह कार्य देवरी रोड से बाद गांव के मध्य आठ किलोमीटर में फैला हुआ है, जिसे 15 सितंबर तक पूर्ण करने और 30 सितंबर से चालू करने का लक्ष्य निर्धारित है।
आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा पहले दो चरण पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। अब इस तीसरे और अंतिम चरण के चालू होने से दिल्ली या मथुरा की ओर से आने वाले वाहन बिना शहर में प्रवेश किए सीधे ग्वालियर रोड तक पहुँच सकेंगे। इससे आगरा में ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक घटेगा।