17 साल के युवक को नई जिंदगी, एसएन में 99% बंद ह्रदय की मुख्य धमनी की सफल स्टेंटिंग

एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा में 17 वर्षीय युवक की 99% तक बंद एओर्टा की सफल स्टेंटिंग कर उसे नई जिंदगी दी गई। मरीज ‘कोआर्कटेशन ऑफ एओर्टा’ और रेसिस्टेंट हाइपरटेंशन से पीड़ित था तथा उसे पहले ब्रेन हैमरेज भी हो चुका था। जटिल प्रक्रिया बिना बाहरी विशेषज्ञ की मदद के पूरी की गई और ‘असाध्य रोग योजना’ के तहत निःशुल्क उपचार हुआ।

Feb 20, 2026 - 19:30
 0
17 साल के युवक को नई जिंदगी, एसएन में 99% बंद ह्रदय की मुख्य धमनी की सफल स्टेंटिंग
ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली चिकित्सकों की टीम।

आगरा में पहली बार ‘कोआर्कटेशन ऑफ एओर्टा’ का जटिल केस बिना बाहरी विशेषज्ञ के हुआ सफल

आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कॉलेज के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु यादव ने 17 वर्षीय युवक की हृदय की मुख्य धमनी (एओर्टा) में 99% तक आई गंभीर रुकावट को स्टेंटिंग प्रक्रिया के जरिए सफलतापूर्वक ठीक कर नई जिंदगी दी है। आगरा और आसपास के क्षेत्र में इस तरह का यह पहला सफल मामला बताया जा रहा है।

मरीज पिछले लंबे समय से ‘रेसिस्टेंट हाइपरटेंशन’ से पीड़ित था। उसके ऊपरी अंगों में ब्लड प्रेशर 240/120 तक रिकॉर्ड किया गया, जबकि पैरों में बीपी मापा ही नहीं जा पा रहा था। अत्यधिक रक्तचाप के कारण तीन महीने पहले उसे ब्रेन हैमरेज (इंट्रासेरेब्रल हैमरेज) भी हो चुका था, जो उसकी जान के लिए गंभीर खतरा बन गया था।

जटिल जांच में सामने आई 99% रुकावट

मेडिसिन विभाग के डॉ. शिवांग शर्मा और डॉ. हरि सिंह ने विस्तृत जांच के बाद मरीज को ‘कोआर्कटेशन ऑफ एओर्टा’ (Coarctation of Aorta) से ग्रसित पाया। यह जन्मजात हृदय विकार है, जिसमें मुख्य धमनी का एक हिस्सा अत्यधिक संकरा हो जाता है। जांच में पाया गया कि धमनी बाल के बराबर पतली रह गई थी और करीब 99% तक अवरुद्ध थी।

दो सप्ताह की तैयारी, बिना बाहरी मदद के सफल स्टेंटिंग

लगभग दो सप्ताह की गहन योजना, तकनीकी मूल्यांकन और प्रक्रिया की रणनीति तय करने के बाद डॉ. हिमांशु यादव ने बिना किसी बाहरी विशेषज्ञ की सहायता के जटिल स्टेंटिंग को अंजाम दिया। प्रक्रिया के बाद धमनी में रक्त प्रवाह पूरी तरह सामान्य हो गया और मरीज की स्थिति स्थिर एवं स्वस्थ है। यह उपलब्धि न केवल मेडिकल कॉलेज की क्षमता को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को भी नई पहचान देती है।

‘असाध्य रोग योजना’ के तहत निःशुल्क उपचार

मरीज आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर परिवार से है। निजी अस्पतालों में इस प्रक्रिया की लागत 5 लाख रुपये से अधिक होती, लेकिन मेडिकल कॉलेज में यह ऑपरेशन ‘असाध्य रोग योजना’ के अंतर्गत पूरी तरह निःशुल्क किया गया। इससे एक जरूरतमंद परिवार को भारी आर्थिक बोझ से राहत मिली।

प्रधानाचार्य बोले “ऐतिहासिक उपलब्धि”

कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह आगरा के लिए ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और शासन की योजनाओं के माध्यम से ऐसे दुर्लभ ऑपरेशन आगे भी निःशुल्क किए जाते रहेंगे। इस सफल प्रक्रिया में डॉ. हिमांशु यादव, डॉ. शिवांग शर्मा, डॉ. हरि सिंह और उनकी पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।