रचनात्मकता की नई उड़ान, कला आचार्य प्रदर्शनी में कलाकारों की प्रतिभा दमकी

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के ललित कला संस्थान तथा राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आज बाग फ़रज़ाना परिसर स्थित ललित कला संस्थान में कला आचार्य प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कला और संस्कृति के इस महोत्सव का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर किया। उनके साथ कार्यक्रम में दयालबाग विश्वविद्यालय के अवकाशप्राप्त विभागाध्यक्ष डॉ. अश्विनी शर्मा, प्रो. सरोज भार्गव, डॉ. साधना सिंह और डॉ. मीना कुमारी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

Nov 24, 2025 - 18:56
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रचनात्मकता की नई उड़ान, कला आचार्य प्रदर्शनी में कलाकारों की प्रतिभा दमकी
ललित कला संस्थान तथा राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आज बाग फ़रज़ाना परिसर स्थित ललित कला संस्थान में कला आचार्य प्रदर्शनी का अवलोकन करतीं कुलपति प्रो. आशु रानी व अन्य ।

ई-गैलेरी की घोषणा के साथ आगरा विश्वविद्यालय ने कला जगत में बढ़ाया कदम

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के ललित कला संस्थान तथा राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आज बाग फ़रज़ाना परिसर स्थित ललित कला संस्थान में कला आचार्य प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कला और संस्कृति के इस महोत्सव का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर किया। उनके साथ कार्यक्रम में दयालबाग विश्वविद्यालय के अवकाशप्राप्त विभागाध्यक्ष डॉ. अश्विनी शर्मा, प्रो. सरोज भार्गव, डॉ. साधना सिंह और डॉ. मीना कुमारी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

प्रदर्शनी में वरिष्ठ एवं युवा कलाकारों की पेंटिंग्स और स्कल्पचर्स ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुलपति एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने कलाकारों की कल्पनाशीलता, तकनीक और रंग–सौंदर्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। पारुल जुरैल द्वारा निर्मित भगवान वेंकटेश्वर की पेंटिंग पूरे कार्यक्रम का आकर्षण केंद्र बनी और दर्शकों ने इसकी विशेष सराहना की।

विश्वविद्यालय जल्द शुरू करेगा ऑनलाइन ई-गैलेरी प्लेटफॉर्म

कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. आशु रानी ने घोषणा की कि विश्वविद्यालय एक ऑनलाइन ई–गैलेरी प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है, जहां छात्र एवं शिक्षक अपनी कलाकृतियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित व विक्रय कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल कलाकारों को मंच देगी बल्कि विश्वविद्यालय को देश के कला–जगत में विशिष्ट पहचान भी दिलाएगी।

प्रतिष्ठित कलाकारों की  रही उपस्थिति

प्रदर्शनी में प्रो. चित्रलेखा सिंह, डॉ. शिवेंद्र सिंह, डॉ. रेखा कक्कड़, प्रो. इंदु जोशी, प्रो. बिंदु अवस्थी, डॉ. विजय कुमार प्रजापति, डॉ. दिनेश मौर्य, अनिल सोनी, डॉ. रश्मि शर्मा, डॉ. नीलम कांत, डॉ. एकता श्रीवास्तव, डॉ. मोना मिश्रा, डॉ. रश्मि सक्सैना और डॉ. पंकज वर्मा सहित कई प्रतिष्ठित कलाकारों की कृतियां प्रदर्शित की गईं।

25 नवंबर तक नि:शुल्क खुली रहेगी प्रदर्शनी

ललित कला संस्थान के निदेशक प्रो. संजय चौधरी ने बताया कि यह प्रदर्शनी 25 नवंबर तक प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक नि:शुल्क अवलोकनार्थ खुली रहेगी। इस अवसर पर प्रदर्शनी कैटलॉग का भी विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों में रचनात्मक ऊर्जा जागृत करते हैं और कला को समाज से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।

आयोजन सफल बनाने में अनेक कला–प्रेमियों का सहयोग

कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक डॉ. मनोज कुमार, सह–संयोजक डॉ. शार्दूल मिश्रा, डॉ. अरविंद राजपूत, डॉ. देवाशीष गांगुली, डॉ. शीतल शर्मा, डॉ. ममता बंसल, देवेंद्र कुमार सिंह, दीपक कुलश्रेष्ठ, डॉ. गणेश कुशवाह, अकादमी सदस्य डॉ. आभा सिंह, संस्कार भारती के प्रांतीय महामंत्री नंदनंदन गर्ग, ओमस्वरूप समेत कई कला–प्रेमियों की सक्रिय भूमिका रही। कुसुम, नीरज और लक्ष्मी ने भी विशेष सहयोग दिया।

आगरा का बढ़ता कला–केंद्र

यह प्रदर्शनी न केवल कलाकारों को अपना सृजन प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती है, बल्कि आगरा को एक उभरते कला–संस्कृति केंद्र के रूप में राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।