फर्जी वीजा खेल में जेल भेजा गया नाइजीरियाई छात्र, साथी की तलाश में बरेली पुलिस पंजाब रवाना

  रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पढ़ रहा नाइजीरिया का छात्र यूसुफ बाला मुस्तफा वीजा अवधि बढ़ाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने उसके नेटवर्क, डिजिटल डिवाइस और विदेशी छात्रों के संपर्कों की गहन जांच शुरू कर दी है, जबकि मामले में सहयोगी छात्र की गिरफ्तारी के लिए टीम पंजाब में दबिश दे रही है।

Nov 20, 2025 - 12:59
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फर्जी वीजा खेल में जेल भेजा गया नाइजीरियाई छात्र, साथी की तलाश में बरेली पुलिस पंजाब रवाना
नाइजीरियाई छात्र, जिसे फर्जी वीजा खेल में जेल भेजा गया है।

-आरके सिंह-

बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बीएमएस प्रथम वर्ष में अध्ययनरत नाइजीरिया के छात्र यूसुफ बाला मुस्तफा को वीजा रिन्यूवल में फर्जी दस्तावेज का उपयोग करने पर बुधवार को बारादरी थाना पुलिस ने जेल भेज दिया। यूसुफ के फर्जीवाड़े में सहयोग करने वाले दक्षिणी सूडान निवासी छात्र अयूब की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गुरुवार को पंजाब रवाना हो गई है। बुधवार को औपचारिकताएं पूरी न होने से टीम की रवानगी टल गई थी।

आतंकी कनेक्शन तलाशा, फिलहाल क्लियर

पुलिस ने यूसुफ से पूछताछ में किसी संभावित टेरर लिंक की जांच भी की, लेकिन अब तक कोई संदिग्ध कनेक्शन सामने नहीं आया है। उसका मोबाइल फोन और लैपटॉप कब्जे में लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।

एसपी सिटी मनुष पारीक ने बताया कि मामले में शामिल छात्रों, विशेषकर विदेशी छात्रों से पूछताछ की जा रही है। हॉस्टल में रहने वाले अन्य साथियों से भी जानकारी ली जा रही है।

जांच में खुलासा हुआ कि यूसुफ ने 31 जनवरी को सिटी यूनिवर्सिटी, लुधियाना में बीसीए कोर्स में एडमिशन लिया था। इसके बाद 19 जुलाई को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली में बीएमएस में प्रवेश ले लिया।

नियम के अनुसार, विश्वविद्यालय बदलने पर एफआरआरओ अनुमोदन प्रमाणपत्र अमृतसर से लेकर ट्रांसफर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। लेकिन यूसुफ ने बिना अनुमोदन के ही रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में दाखिला ले लिया।

इसके बाद वीजा अवधि बढ़ाने के लिए दाखिल आवेदन में उसने लुधियाना का फर्जी पंजीकरण और फर्जी एफआरआरओ प्रमाणपत्र अपलोड किया।

एक लैपटॉप, 17 छात्रः पुलिस को डिजिटल नेटवर्क पर शक

इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय के अनुसार, यूसुफ सहित नाइजीरिया के 17 छात्र एक ही लैपटॉप का उपयोग कर रहे थे। इससे पुलिस को डिजिटल दस्तावेज़ निर्माण और नेटवर्किंग की दिशा में सायबर फ्रॊड की आशंका है।

यूसुफ के करीबी नाइजीरियाई बीटेक छात्र से पूछताछ की गई है और अन्य विदेशी छात्रों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस को लैपटॉप और मोबाइल से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।

यूसुफ की विदेश यात्राओं, संपर्कों और शैक्षणिक रिकॉर्ड की भी गहराई से जांच की जा रही है। उसकी वीजा अवधि 22 दिसंबर 2025 तक वैध है, लेकिन फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद उसे कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

SP_Singh AURGURU Editor