आगरावासियों के लिए सात सितंबर की रात बनी यादगार, अद्भुत खगोलीय घटना को देखा
आगरा। सात सितंबर 2025 की रात के चंद्रग्रहण को आगरा के लोगों ने यादगार बना लिया। एक तरफ जहां धार्मिक परंपराओं के अनुरूप मंदिरों के पट सूतक लगने के साथ ही बंद कर दिए गए थे, वहीं यमुना किनारा रोड स्थित श्रीमथुरेशजी जी मंदिर (पुष्टिमार्गीय परंपरा) ऐसा था, जो इस समय भी खुला रहा और वहां भक्तों को निर्बाध दर्शन किए। दूसरी ओर ऐसे लोगों की संख्या भी बड़ी थी जिन्होंने इस खगोलीय घटना को न केवल देखा बल्कि अपने कैमरों में कैद किया। सोशल मीडिया पर चंद्रग्रहण की तस्वीरों की भरमार रही।
शहर के लोग इस अद्भुत खगोलीय घटना को देखने के लिए छतों और सड़कों पर निकल आए। खासकर बच्चों में ब्लड मून देखने का उत्साह साफ झलक रहा था। लाल आभा से घिरे चंद्रमा को देखते ही लोग अपने कैमरों और मोबाइल फोन से तस्वीरें खींचते रहे। सोशल मीडिया पर देर रात तक इन दुर्लभ तस्वीरों को शेयर करने का सिलसिला चलता रहा।
धार्मिक दृष्टि से ग्रहण को अशुभ मानकर अधिकांश मंदिरों में आरती, भजन और पूजन बंद रहे। चंद्रग्रहण के दौरान लोगों ने घरों में भजन-कीर्तन किया।
ग्रहण समाप्ति के बाद श्रद्धालुओं ने स्नान कर घरों और मंदिरों की शुद्धि की, इस तरह आगरा ने खगोलीय घटना को धार्मिक आस्था और वैज्ञानिक जिज्ञासा दोनों रूपों में यादगार बना दिया।