मुख्तार को जहर देने का आरोप लगाने वाले सामने तक नहीं आए

लखनऊ। पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की मौत की वजह हार्ट अटैक ही थी। जहर देकर मारने का आरोप लगाने वाले लोग मामले की जांच कर रहे मजिस्ट्रेट को इस आशय का कोई प्रमाण देना तो दूर, अपना बयान दर्ज कराने के लिए सामने तक नहीं आए।

Sep 16, 2024 - 14:00
Sep 16, 2024 - 14:48
 0
मुख्तार को जहर देने का आरोप लगाने वाले सामने तक नहीं आए

माफिया मुख्तार अंसारी की साढ़े पांच माह पहले मौत हुई थी। जेल के अंदर तबीयत बिगड़ने पर मुख्तार अंसारी को अस्पताल ले जाया गया था, जहां कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। उस समय भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हार्ट अटैक आना बताया गया था।  लेकिन मुख्तार अंसारी के परिजन और उनके समर्थक खुलकर सरकार पर यह आरोप लगा रहे थे कि मुख्तार को जेल के अंदर जहर देकर मारा गया है। इन आरोपों के बाद सरकार ने मौत की मजिस्ट्रेट से जांच का आदेश दिया था।

बिसरा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मुख्तार प्रकरण में मजिस्ट्रीयल जांच में भी मौत की वजह जहर नहीं बल्कि हार्ट अटैक ही मानी गई है। यह जांच एडीएम राजेश कुमार ने की है।

माफिया मुख्तार अंसारी बांदा जेल में बंद था और 28 मार्च की सांय उसे मेडिकल काॅलेज ले जाया गया था। इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम  में हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि के बाद भी बिसरा जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। 20 अप्रैल को बिसरा रिपोर्ट में भी जहर की पुष्टि नहीं हुई थी।

 जांच करने वाले एडीएम राजेश कुमार ने जांच के दौरान जेल अधिकारियों, कर्मचारियों, इलाज करने वाले डाॅक्टर, समेत लगभग एक सौ लोगों के बयान लेने के साथ उन लोगों को भी सबूत सहित बयान देने बुलाया जिन्होंने जहर देकर मारने का आरोप लगाया था, लेकिन इनमें से कोई नहीं आया। इस पर जांच अधिकारी ने अपना निष्कर्ष निकालकर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी, जहां से उसे शासन को भेज दिया गया है।