असम की रेप पीड़िता का अपना कोई नहीं पहुंचा आगरा, उदासी में समय बिता रही आशा ज्योति केंद्र में 

आगरा। असम की लड़की की अस्मत लूटने वाले दो दरिंदे तो जेल की सलाखों के पीछे जा चुके हैं, लेकिन पीड़िता को अभी भी अपनों के आने का इंतजार है। कहां पूर्वोत्तर का असम राज्य और कहां यूपी का आगरा। यहां कोई भी तो अपना नहीं दिखता पीड़िता को। पुलिस को उसके भाई के आगरा आने का इंतजार है।

Nov 7, 2024 - 13:41
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असम की रेप पीड़िता का अपना कोई नहीं पहुंचा आगरा, उदासी में समय बिता रही आशा ज्योति केंद्र में 

-दोनों आरोपियों को जेल भेज चुकी है पुलिस, गांव के लोग धिक्कार रहे

असम की 20 साल की  युवती असम स्थित अपने घर से राजस्थान के श्रीगंगानगर में अपनी बहन के पास जा रही थी। वह दिल्ली में रेलवे स्टेशन का उतर गई थी, जहां उसे मनोज गायकवाड नाम का युवक मिला। मनोज ने इसे अपनी बातों में फंसा लिया और यह झांसा दिया कि वह उससे शादी करेगा। दो दिन तक पीड़िता मनोज के साथ ही दिल्ली के रेलवे स्टेशन पर रुकी रही। बाद में मनोज ट्रेन से उसे आगरा ले आया और किरावली के नगला भालरा गांव में अपने दोस्त कान्हा के घर लेकर पहुंचा। यहां एक रात मनोज ने इस लड़की के साथ बलात्कार किया। अगले दिन मनोज के दोस्त कान्हा ने भी इस बेबस लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया। 

मनोज और कान्हा न जाने कितने दिन इस युवती का शारीरिक शोषण करते। इसी इरादे से ये दोनों लड़की को लेकर किरावली के अभिआपुरा गांव में मंजू नामक महिला के घर पहुंचे थे। यहां पीड़िता ने अपनी आपबीती मंजू को सुनाई तो मंजू ने इन दोनों लड़कों की नजरों से बचाकर उसे अपने घर से निकालकर पुलिस के पास भेज दिया। किरावली पुलिस ने मुकदमा दर्ज पर आरोपी मनोज और कान्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 

पीड़िता तभी से आगरा में मानसिक अस्पताल के नजदीक स्थित आशा ज्योति केंद्र में रह रही है। पिछले तीन दिन के दौरान पुलिस ने उसका तीन बार मेडिकल कराया है ताकि अपराधियों के बचने की किसी प्रकार की गुंजाइश न रहे। 

इधर किरावली पुलिस ने पीड़िता से नंबर लेकर उसके भाई को असम में सूचना दे दी है। भाई ने कहा था कि उसे आगरा तक पहुंचने में 2 से 3 दिन का समय लग जाएगा। पुलिस पीड़िता के भाई के नंबर पर कॉल कर रही है जो अब बंद आ रहा है। पीड़िता के पास  श्रीगंगानगर में रहने वाली बहन का नंबर भी नहीं है,  जिससे कि पुलिस उसे सूचना देकर यहां बुला लेती। 

पीड़ित युवती को आशा ज्योति केंद्र में अपना कोई नहीं दिखता। ना भाषा, ना बोली, ना पहनावा और ना खानपान, सब कुछ अलग है यहां पर। वह उदासी की हालत में आशा ज्योति केंद्र में समय गुजार रही है और उम्मीद कर रही है उसका भाई अजर उसे यहां से अपने साथ घर ले जाएगा।

कान्हा पर थू-थू कर रहे सभी

असम की लड़की से बलात्कार के दो आरोपियों में से एक कान्हा किरावली के नगला भालरा गांव का निवासी है। जब से गांव वालों के सामने कान्हा की घिनौनी हरकत का सच सामने आया है, गांव के सभी लोग उसे धिक्कार रहे हैं। गांव के लोग आपसी बातचीत में कहते हैं कि कान्हा ने गांव को कलंकित कर दिया। लोग इस बात पर भी हैरान हैं कि कान्हा का दोस्त मनोज एक लड़की के साथ गांव में पहुंचा और उसके परिवार ने यह सच जानने की कोशिश नहीं कि यह लड़की आखिर है कौन? पूर्वोत्तर के लोग तो बोली और शक्ल सूरत से अलग ही दिखते हैं।

SP_Singh AURGURU Editor