सड़क पर ज़िम्मेदारी नहीं तो ज़िंदगी नहीं! आगरा कॉलेज में सड़क सुरक्षा पर हुई कार्यशाला में दिया गया सख़्त संदेश
आगरा। तेज़ रफ़्तार, लापरवाही और गैर-जिम्मेदार व्यवहार से सड़कें लगातार जानलेवा बनती जा रही हैं। इसी गंभीर चुनौती के खिलाफ उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत ‘सड़क सुरक्षा: मानव व्यवहार एवं जिम्मेदारी’ विषय पर एक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन रोड सेफ्टी क्लब, आगरा कॉलेज द्वारा शनिवार को कॉलेज के ऑडिटोरियम हॉल में किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य था यातायात अनुशासन को जीवन रक्षा का संस्कार बनाना।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह (आईपीएस), विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अखिलेश कुमार द्विवेदी तथा प्राचार्य प्रोफेसर सी. के. गौतम द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मानव इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियां आग और पहिया हैं, लेकिन इनके असंतुलित और गैर-जिम्मेदार उपयोग ने आज समाज को गंभीर संकट में डाल दिया है। उन्होंने सड़क सुरक्षा को केवल नियमों का विषय नहीं, बल्कि व्यवहार और जिम्मेदारी का प्रश्न बताया तथा सुरक्षित सड़कों के निर्माण में कुशल और जिम्मेदार इंजीनियर्स की भूमिका को निर्णायक करार दिया।
विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री अखिलेश कुमार द्विवेदी ने कहा कि रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवहन और दूरसंचार आज जीवन की अनिवार्य आवश्यकता बन चुके हैं, लेकिन अनुशासित और सुरक्षित यातायात व्यवहार के बिना यह सुविधा अभिशाप में बदल सकती है। उन्होंने युवाओं से नियमों को बोझ नहीं, जीवन रक्षा का कवच मानने की अपील की।
इस अवसर पर उप सड़क परिवहन आयुक्त आलोक अग्रवाल ने कहा कि सड़कों का विस्तृत जाल व्यक्ति को गति की ओर आकर्षित करता है, लेकिन वास्तविक सफलता तेज़ पहुँचने में नहीं, बल्कि सावधानी और धैर्य के साथ मंज़िल तक सुरक्षित पहुंचने में है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर सी. के. गौतम ने दो टूक शब्दों में कहा कि वाहनों का असावधानीपूर्ण संचालन आज समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है। एक क्षण की चूक पूरे परिवार के लिए जीवन भर का अभिशाप बन सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं अनुशासित चालक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. शिव कुमार सिंह ने स्वागत भाषण एवं विषय प्रवर्तन करते हुए वाहन चलाते समय मद्यपान, तनाव, आवेग और जल्दबाज़ी से दूर रहने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुराग पालीवाल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर पूनम चांद द्वारा प्रस्तुत किया गया।
प्रतियोगिताओं के विजेता
इस मौके पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में विजयी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। निबंध लेखन में प्रथम – पार्थ सिंह, द्वितीय – यश सोनी, तृतीय – ध्रुव कुमार। चित्रकला में प्रथम – शिफा फातिमा, द्वितीय – कविता, तृतीय – सिमरन। क्विज में प्रथम – आकाश यादव, द्वितीय – मौली, तृतीय – भौमिक सिंह, भाषण में प्रथम – अभिषेक पाल सिंह, द्वितीय – सना हुसैन, तृतीय – अंजली गुप्ता, नुक्कड़ नाटक में प्रथम – सुमित कुमार, देशराज, रीना, कोमल एवं टीम रहे।
कार्यक्रम की सफलता में डॉ. अंशु चौहान, डॉ. दीपाली सिंह, डॉ. अनुराधा नेगी, डॉ. रवि शंकर सिंह, डॉ. विकास सिंह, डॉ. गौरव प्रकाश, डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता, डॉ. राम प्रकाश पाल, डॉ. जावेद अहमद सहित अनेक शिक्षकों का विशेष योगदान रहा।
इसके अतिरिक्त डॉ. अल्पना ओझा, डॉ. दिग्विजय पाल सिंह, डॉ. रचना सिंह, डॉ. संध्या यादव, डॉ. नीरा शर्मा, डॉ. मीना कुमारी, डॉ. दीपक उपाध्याय, डॉ. धनंजय सिंह, डॉ. भूपेंद्र कुमार चिकारा, डॉ. बी. के. सिंह, डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. दीपा रावत, डॉ. सुनीता गुप्ता, डॉ. नीरजा महेश्वरी, डॉ. कमलेश शर्मा, डॉ. शादां जाफरी, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. श्याम गोविंद सिंह, डॉ. प्रियम अंकित, डॉ. शैलेंद्र कुमार, डॉ. रंजीत सिंह, डॉ. अनूप सिंह, डॉ. सत्यदेव शर्मा, डॉ. मनीष शुक्ला तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सहभागिता उल्लेखनीय रही।