शांति का नोबेल वेनेजुएला की मचाडो को मिला, डोनाल्ड ट्रंप के अरमान धरे रह गये

व्हाइट हाउस ने कहा कि नोबेल समिति ने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से शांति कायम करने को कोशिशों को नजरअंदाज किया। ट्रंप के ऑफिस की ओर से कहा गया कि वह शांति की कोशिश करते रहेंगे।

Oct 10, 2025 - 19:23
Oct 10, 2025 - 19:39
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शांति का नोबेल वेनेजुएला की मचाडो को मिला, डोनाल्ड ट्रंप के अरमान धरे रह गये

वाशिंगटन। नोबेल शांति पुरस्कार 2025 को लिए वेनेज़ुएला की मारिया कोरिना मचाडो के नाम का ऐलान होने के बाद अमेरिका की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया कि नोबेल समिति ने साबित कर दिया है कि वे शांति से ज्यादा राजनीति को महत्व देते हैं।

ओवल ऑफिस ने कहा कि नोबेल समिति ने मचाडो को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार देकर शांति की बजाय राजनीति को प्राथमिकता दी है। व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीवन चुइंग ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "नोबेल समिति ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से शांति कायम करने को कोशिशों को नजरअंदाज किया। इसके बावजूद ट्रंप शांति की कोशिश करते रहेंगे। वे युद्ध समाप्त करवाते रहेंगे और लोगों की जिंदगी बचाते रहेंगे। वह मानवीय संवेदनाओं से भरे हुए शख्स हैं।"

नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने वेनेजुएला के लोगों के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए मारिया कोरिना मचाडो को 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित करने का ऐलान किया। नोबेल कमेटी ने आगे कहा कि मारिया कोरिना के जीवन को गंभीर खतरा होने के बाद भी वह अपना काम करती रहीं। उनका यह चुनाव लाखों लोगों को प्रेरित करने वाला है।

वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार 2025 मिलने से ट्रंप की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। दूसरी बार सत्ता में आने के बाद से वह कई देशों का युद्ध खत्म करने का दावा कर नोबेल शांति पुरस्कार में अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे। इजरायल, रूस, अजरबैजान, पाकिस्तान, थाईलैंड, आर्मेनिया और कंबोडिया जैसे कई देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति को नॉमिनेट किया था।

इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए इस वर्ष 338 नामांकन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 94 संगठन और विभिन्न क्षेत्रों के 244 लोग शामिल हैं। ट्रंप ने दावा किया कि वह इतिहास में नौ महीनों की अवधि में आठ युद्धों को सुलझाने वाले पहले व्यक्ति हैं।