उत्तरी बाईपास पांच दिसंबर से शुरू, अब ट्रक नहीं घुसेंगे शहर में, जाम से मिलेगी स्थायी राहत
आगरा। आगरा के लिए राहत और विकास की दोहरी खुशखबरी है। उत्तरी बाईपास का अनौपचारिक संचालन शुरू हो गया है, जिससे मथुरा की तरफ से आने वाले भारी वाहन अब शहर में प्रवेश किए बिना सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। यह बाईपास न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि समय और ईंधन दोनों की बड़ी बचत सुनिश्चित करेगा।
— रैपुरा जाट से खंदौली तक 14 किमी का नया रास्ता, यात्रियों और व्यापारियों को बड़ा फायदा
आगरा। आगरा के लिए राहत और विकास की दोहरी खुशखबरी है। उत्तरी बाईपास का अनौपचारिक संचालन शुरू हो गया है, जिससे मथुरा की तरफ से आने वाले भारी वाहन अब शहर में प्रवेश किए बिना सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। यह बाईपास न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि समय और ईंधन दोनों की बड़ी बचत सुनिश्चित करेगा।
अब तक मथुरा से आने वाले ट्रक आगरा के अंदर से होकर निकलते थे, जिससे सिकंदरा, भगवान टॉकीज, वाटरवर्क्स, टेढ़ी बगिया जैसे प्रमुख रास्तों पर भयंकर जाम लगता था। अब बाईपास शुरू होने के बाद 15 मिनट में खंदौली और 25 मिनट में हाथरस पहुंचना आसान हो जाएगा। शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा ।
उत्तरी बाईपास का रूट
मथुरा के रैपुरा जाट से खंदौली
कुल लंबाई: 14 किलोमीटर
यह बाईपास यमुना एक्सप्रेसवे पर चैनल नंबर 141 (मिडावली, सादाबाद) पर जाकर मिलता है। इसके जरिए मिडावली से खंदौली कट पर आसानी से एक्सप्रेसवे से उतर सकेंगे। मिडावली से सादाबाद–हाथरस के लिए तेज़ मार्ग मिलेगा। पहले रैपुरा जाट से खंदौली पहुंचने में आगरा शहर के ट्रैफिक के कारण लगभग 1 घंटा लगता था। अब नया बाईपास यह दूरी सिर्फ 15 मिनट में पूरी कर देगा।
400 करोड़ की लागत, 3 साल में तैयार
उत्तरी बाईपास का कार्य 2022 में प्रारंभ हुआ था। 14 किमी लंबे बाईपास के निर्माण में 400 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसका औपचारिक शुभारंभ 5 दिसंबर को होगा। यह परियोजना आगरा के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने वाली है।
व्यापार और पर्यटन में भी बड़ा लाभ
इसके शुरू होने से जाम से राहत के कारण शहर में स्थानीय यातायात सुगम होगा। उद्योग और परिवहन से जुड़े व्यापारियों को यात्रा समय कम होने से लाभ होगा। आगरा का कनेक्शन मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ से और मजबूत होगा। पर्यटन शहर होने के नाते यात्री अब तेज़ी से एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे।
आगरा के विकास में मील का पत्थर
उत्तरी बाईपास न सिर्फ ट्रैफिक को कम करेगा बल्कि आगरा के आर्थिक, व्यावसायिक और पर्यटन विकास में बड़ी भूमिका निभाएगा।