अब फतेहपुर सीकरी थाने में 36 घंटे का टॊर्चर! सादा वर्दी में उठा ले गई पुलिस, चोरी के कबूलनामे का दबाव बनाया

आगरा। किरावली थाने में युवक को थर्ड डिग्री दिए जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब फतेहपुर सीकरी थाने पर भी इसी तरह के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने एक युवक को सादा वर्दी में उठा ले जाने जैसी कार्रवाई कर 36 घंटे तक थाने में बंधक बनाकर पीटा और बाइक चोरी का जुर्म कबूलने का दबाव बनाया।

Dec 24, 2025 - 12:27
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अब फतेहपुर सीकरी थाने में 36 घंटे का टॊर्चर! सादा वर्दी में उठा ले गई पुलिस, चोरी के कबूलनामे का दबाव बनाया
अछनेरा थाना क्षेत्र के रसूलपुर सदर गांव का सोमेश, जिसका आरोप है कि उसे फतेहपुर सीकरी थाना पुलिस ने थाने में बंधक बनाकर पीटा।

फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र से जुड़ा यह मामला अब पुलिस आयुक्त तक पहुंच चुका है। शिकायतकर्ता हरदेवी पत्नी स्व. जोगेंद्र सिंह, निवासी रसूलपुर सदर, थाना अछनेरा ने पुलिस आयुक्त को दिए शिकायती पत्र में पुलिसिया बर्बरता की पूरी दास्तान दर्ज कराई है।

सादा वर्दी, बिना नंबर की गाड़ी और बहाना

शिकायत में हरदेवी ने बताया कि 21 दिसंबर को बिना नंबर प्लेट की सफेद रंग की विटारा ब्रेजा कार उनके घर रसूलपुर आई। कार में सवार लोगों ने बताया कि उन्हें अपने प्लॉट पर नींव की खुदाई करानी है, इसलिए अपने बेटे सोमेश का मोबाइल नंबर दे दें। नंबर लेने के बाद वे लोग चले गए।

कुछ समय बाद गांव के लोगों ने सूचना दी कि शाम करीब 7:15 बजे कार में सवाल उन्हीं लोगों ने सोमेश को कॉल कर बुलाया और जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए हैं।

घंटों भटकी मां, थाने में दी शिकायत, 36 घंटे बाद लौटा

अज्ञात लोगों द्वारा इस तरह बेटे को उठाकर ले जाने पर हरदेवी ने उसी रात 10 बजे थाना अछनेरा में लिखित शिकायत दी। डायल 112 पर भी सूचना दी गई, लेकिन उस समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

अगले दिन यानी 22 दिसंबर की रात करीब पौने 12 बजे, कुछ लोग सोमेश को लेकर अछनेरा थाने पहुंचे। घर लौटने पर सोमेश ने जो बताया, उसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

सोमेश के मुताबिक, उसे उठाकर ले जाने वाले फतेहपुर सीकरी थाने के पुलिसकर्मी थे, जो सादा वर्दी में थे। उसे 36 घंटे तक अपने कब्जे में रखकर फतेहपुर सीकरी थाने में पीटा गया। लगातार दबाव बनाया गया कि वह बाइक चोरी के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ले।

बिना एफआईआर, बिना सूचना और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के युवक को सादा वर्दी में उठाना, थाने में घंटों बंद रखना और मारपीट करना, ये सभी कृत्य कम से कम पुलिसिंग की श्रेणी में तो नहीं आते। सवाल यह है कि क्या आगरा पुलिस थर्ड डिग्री और अवैध हिरासत को अपना नया तरीका बना चुकी है?

पीड़ित परिवार ने मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

SP_Singh AURGURU Editor