अब स्कूल वाहन और अभिभावकों की गाड़ियां खड़ी होंगी विद्यालय परिसर में, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

आगरा। शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से स्कूल समय में ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या का समाधान खोज लिया गया है। अब स्कूलों के वाहनों के साथ-साथ अभिभावकों के वाहन भी विद्यालय परिसर में ही खड़े किए जाएंगे। स्कूल शुरू होने और छुट्टी के समय सड़क पर लगने वाले वाहनों के जाम से अब छात्रों, अभिभावकों और आम राहगीरों को मुक्ति मिलने की उम्मीद है।

Jul 4, 2025 - 19:47
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अब स्कूल वाहन और अभिभावकों की गाड़ियां खड़ी होंगी विद्यालय परिसर में, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए स्कूल संचालकों के साथ बैठक करते डीसीपी ट्रैफिक अभिषेक अग्रवाल।

पुलिस की सख़्ती, स्कूलों को मिले निर्देश

पुलिस लाइन मीटिंग हॉल में पुलिस उपायुक्त यातायात अभिषेक अग्रवाल ने शहर के प्रमुख विद्यालयों के प्रबंधकों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्कूली वाहन छुट्टी के समय एक साथ बाहर न निकलें, बल्कि उन्हें थोड़े-थोड़े अंतराल में छोड़ा जाए ताकि एमजी रोड और अन्य मुख्य मार्गों पर दबाव न बढ़े।

उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि उनके परिसर में वाहनों की निर्धारित पार्किंग व्यवस्था हो, जिसमें स्कूली बसों के साथ-साथ अभिभावकों के निजी वाहनों के लिए भी स्कूल परिसर में ही स्थान तय किया जाए।

फिटनेस सर्टिफिकेट और ओवरलोडिंग पर होगी कार्रवाई

बैठक में स्कूल प्रबंधकों को हिदायत दी गई कि स्कूल वाहन फिटनेस सर्टिफिकेट, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र, और चालक के सभी वैध दस्तावेज समय पर अपडेटेड रखें। यदि किसी वाहन के कागजात अधूरे पाए गए, तो उसके खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस उपायुक्त ने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी स्कूली वाहन में क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए गए या मादक पदार्थ सेवन कर वाहन चलाते कोई चालक मिला, तो उसे गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

ट्रैफिक वालंटियर और गार्ड होंगे तैनात

यातायात पुलिस ने यह भी सुझाव दिया है कि विद्यालय अपने-अपने संस्थानों में ट्रैफिक वालिंटियर और सुरक्षा गार्ड तैनात करें, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और वाहनों की आवक-जावक नियंत्रित तरीके से हो सके।

ट्रैफिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम

मेट्रो निर्माण के चलते शहर की यातायात व्यवस्था पहले से ही चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में यह निर्णय स्कूल समय के ट्रैफिक दबाव को कम करने और सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को रोकने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor