राणा सांगा जयंती पर आगरा बन गया सामाजिक संग्राम का केंद्र  

आगरा। राणा सांगा की जयंती के मौके पर आगरा के गढ़ी रामी में 12 अप्रैल को होने जा रहा ‘रक्त स्वाभिमान सम्मेलन’ सिर्फ एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि करणी सेना के शक्ति प्रदर्शन और सरकार से टकराव की चेतावनी बन चुका है। जहां एक ओर राज शेखावत और सूरज पाल सिंह अम्मू जैसे कई क्षत्रिय नेता सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन इस आयोजन को लेकर हाई अलर्ट मोड में आ चुका है।

Apr 12, 2025 - 00:17
Apr 12, 2025 - 00:18
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राणा सांगा जयंती पर आगरा बन गया सामाजिक संग्राम का केंद्र   

-करणी सेना के राष्ट्रव्यापी आह्वान से इस आयोजन की गंभीरता के साथ ही पुलिस के लिए चुनौती भी बढ़ चकी है

प्रशासन ने कसी कमर, बाहर के जिलों से बुलाई गई फोर्स

इस संवेदनशील आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने आठ से दस हजार पुलिसकर्मियों, पीएसी और आरएएफ की तैनाती सुनिश्चित की है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने 5,000 से अधिक डंडे और हेलमेट भी मंगाए हैं। पुलिस द्वारा भीड़ नियंत्रण का अभ्यास भी निरंतर जारी है।

शर्तों के साथ मिली है कार्यक्रम की अनुमति

इस आयोजन की अनुमति सनातन महासभा के नाम पर दी गई है, लेकिन करणी सेना के राष्ट्रव्यापी आह्वान से इसकी गंभीरता कई गुना बढ़ गई है। पुलिस ने अनुमति कई शर्तों के साथ दी है, जिसमें हथियार, भड़काऊ भाषण, और नारेबाज़ी पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। ध्वनि प्रदूषण नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य। किसी भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर आयोजक को जिम्मेदार मानकर नुकसान की भरपाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन किसी भी समय बिना सूचना के अनुमति रद्द भी कर सकता है।

सांसद रामजीलाल सुमन की सुरक्षा और बढ़ी

करणी सेना की तीखी प्रतिक्रिया के केंद्र में सपा सांसद रामजीलाल सुमन हैं, जिन्होंने संसद में महाराणा सांगा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी के बाद देश भर में उनके खिलाफ उबाल है। इसी क्रम में 26 मार्च को करणी सेना सुमन के आवास पर उग्र प्रदर्शन कर चुकी है। कल के आयोजन को देखते हुए भी सुमन के आवास पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पीएसी और पुलिस के सुरक्षाकर्मी उनके आवास पर तैनात हैं। सुमन के आवास पर आवाजाही का पूरा रिकॉर्ड रखा जा रहा है।

ये हैं करणी सेना की मांगें

रामजीलाल सुमन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा हो। उनकी राज्यसभा सदस्यता रद्द की जाए। करणी सेना कार्यकर्ताओं पर लगे "झूठे मुकदमे" वापस लिए जाएं। पुलिस बर्बरता में शामिल अधिकारियों को निलंबित किया जाए। करणी सेना के एक गुट के नेता राज शेखावत लगातार यह चेतावनी दे रहे हैं, "सरकार के पास कल शाम 5 बजे तक का समय है। यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो हम अपनी ताकत दिखाने के लिए बाध्य होंगे।"

तीन लाख लोगों के जुटने का दावा

दावा किया जा रहा है कि देश भर से करीब 3 लाख लोग राणा सांगा की जयंती पर होने वाले सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रम को सामाजिक चेतना और स्वाभिमान की लड़ाई बताते हुए इसे क्षत्रियों की अस्मिता का प्रश्न बताया जा रहा है। लोगों से आयोजन में शामिल होने की अपील की जा रही है।

कुल मिलाकर 12 अप्रैल को आगरा सिर्फ एक ऐतिहासिक आयोजन का गवाह ही नहीं बनेगा, बल्कि इस दौरान सामाजिक शक्ति, राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रशासनिक संतुलन की परीक्षा भी होगी।

SP_Singh AURGURU Editor