विवि की कौनसी गलती पर विधायक चौधरी बाबूलाल को गुस्सा आ गया, छात्रों संग पहुंचे कुलपति आवास
आगरा। अपने पुत्र के डिग्री कालेज के छात्रों का परीक्षा केंद्र रातोंरात बदले जाने पर फतेहपुरसीकरी के विधायक चौधरी बाबूलाल आज सुबह डा. आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस स्थित कुलपति आवास पर जा धमके। विधायक ने इस हरकत पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उनके साथ पुत्र डा. रामेश्वर चौधरी भी थे। कालेज के तमाम वे छात्र भी उनके साथ थे जो आज सुबह की परीक्षा से वंचित रह गए थे।
-रघुनाथ सिंह डिग्री कालेज का परीक्षा केंद्र एक पेपर के बाद बदले जाने पर जताई नाराजगी
इस कालेज के तमाम छात्र आज की परीक्षा से वंचित, रामेश्वर को इसमें दिखी राजनीतिक साजिश
डा. रामेश्वर चौधरी का किरावली में चौधरी रघुनाथ सिंह महाविद्यालय है। विवि की सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए रघुनाथ सिंह डिग्री कालेज के छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र सीके कालेज में तय किया गया था। बीते कल रघुनाथ कालेज के छात्रों ने सीके कालेज केंद्र पर एक पेपर की परीक्षा भी दे दी थी।
गुरुवार को देर रात विवि के स्तर से चौधरी रघुनाथ डिग्री कालेज का परीक्षा केंद्र सीके कालेज से बदलकर मंगूर्रा स्थित महाराणा प्रताप कालेज में कर दिया गया। रघुनाथ सिंह कालेज के बहुत से छात्रों को बदले परीक्षा केंद्र की जानकारी हो गई थी जबकि तमाम ऐसे भी थे जिन्हें पता नहीं चला और वे आज की परीक्षा देने के लिए सीके कालेज पर ही पहुंच गए। सीके कालेज जाकर पता चला कि अब उनका परीक्षा केंद्र दस किलोमीटर दूर मंगूर्रा स्थित महाराणा प्रताप कालेज में है।
इसके बाद ये छात्र परीक्षा देने से वंचित रह गये क्योंकि वे चाहकर भी दस किलोमीटर दूर नये परीक्षा केंद्र पर नहीं जा सकते थे। इन छात्रों ने इस बारे में रघुनाथ सिंह कालेज के संचालक रामेश्वर चौधरी को सूचित किया। इसके बाद ही विरोध दर्ज कराने के लिए विधायक चौधरी बाबूलाल और डा. रामेश्वर चौधरी कुलपति के आवास पर पहुंचे।
कुलपति डा. आशु रानी ने वार्ता के दौरान विधायक चौधरी बाबूलाल से कहा कि वे इससे अनभिज्ञ हैं। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण परीक्षा नियंत्रक के स्तर से होता है। वे यह जांच कराएंगी कि एक पेपर होने के बाद परीक्षा केंद्र क्यों बदला गया। उन्होंने इस गड़बड़ी को दुरुस्त कराने की बात भी कही।
इधर डा. रामेश्वर चौधरी, जो कि विधायक चौधरी बाबूलाल के प्रतिनिधि भी हैं, ने औरगुरु से कहा कि यह काम परीक्षा नियंत्रक का न होकर, राजनीतिक साजिश का है। दबाव देकर यह काम कराया गया है। उन्होंने कहा कि जिन्हें हमसे लड़ना है, सामने आकर लड़ें। छात्र-छात्राओं को क्यों बलि का बकरा बनाया जा रहा है।