भारत के आसमान में आज तड़के दुर्लभ ब्लैक मून का कर सकेंगे दीदार
वॉशिंगटन। अंतरिक्ष में आज एक दिलचस्प और अनोखा नजारा देखने को मिला। इसे ब्लैक मून कहते हैं। जब एक ही महीने में दो अमावस्या होती है तो उसे ब्लैक मून कहा जाता है। यह घटना बहुत ही दुर्लभ होती है। यह हर साल नहीं होता है। खगोलविद और तारों में दिलचस्पी रखने वाले इस घटना का बेसब्री से इंतजार करते हैं। दुनिया के कई हिस्सों में आज यह घटना हुई। भारत में इसका दीदार आज तड़के कर सकेंगे।
कब होता है ब्लैक मून?
अमावस्या तब होती है जब सूर्य और चंद्रमा आकाश में एक सीध में आ जाते हैं, जिससे चंद्रमा का चमकीला भाग पृथ्वी से दूर हो जाता है। इसकी वजह से चंद्रमा हमें दिखाई नहीं देता है। चंद्र चक्र लगभग 29.5 दिनों का होता है, इसलिए कभी-कभी एक महीने में दो अमवस्याएं हो जाती हैं। जब ऐसा होता है तो इसे ब्लैक मून कहा जाता है। यह ब्लू मून की तरह है, जो महीने में दो पूर्ण चंद्रमा के होने को कहा जाता है।
कैसा दिखाई देता है?
यहां ध्यान रखना जरूरी है कि अमावस्या के दौरान हम चंद्रमा को तब तक नहीं देख सकते हैं, जब तक कि सूर्यग्रहण न हो। इसका मतलब है कि कोई ब्लैक मून को देख नहीं पाता है लेकिन रात के अधिक अंधेरी होने की वजह से इसका अनुभव कर सकते हैं। यह अंधेरा सितारों, ग्रहों और यहां तक कि दूर की आकाशगंगाओं को अधिक स्पष्ट रूप से देखने में मदद करता है।
भारत में कब नजर आया ब्लैक मून?
अमेरिकी नेवी ऑब्जर्वेटरी के अनसार, यह दुर्लभ नजारा अमेरिका के पूर्वी समयानुसार आज शाम 5.27 बजे घटित हुआ। हालांकि भारत में रहने वाले लोगों के लिए यह समय के अंतर के चलते कल सुबह 3.57 बजे देखा जा सकता है।
ब्लैक मून क्यों है अहम?
ब्लैक मून बहुत ही दुर्लभ है और यह साल नहीं होता है। पिछली बार ब्लैक मून अगस्त 2022 में हुआ था, और अगली बार मई 2026 में होगा। दूसरी अमावस्याओं की तरह इसे भी नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकेगा, लेकिन चंद्रमा का न दिखाई देना खगोलविदों और आसमान के शौकीनों के लिए दिलचस्प घटना है।