एक नाम, चार-चार वोट! बरेली में पंचायतों की मतदाता सूची से हटेंगे 3.95 लाख फर्जी नाम
- आरके सिंह- बरेली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले जिले में मतदाता सूची की गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग ग्राम पंचायतों में दर्ज पाया गया है। जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग की जांच में 3,94,886 ऐसे डुप्लीकेट वोटर सामने आए हैं, जिनके नाम दो से चार सूचियों में दर्ज हैं। निर्वाचन आयोग ने इनके नाम सूची से हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। बीएलओ और पर्यवेक्षकों की टीम घर-घर जाकर सत्यापन कर रही हैं।
जिले में सबसे ज्यादा डुप्लीकेट वोटर नवाबगंज ब्लॉक (41,330) में मिले हैं। इसके बाद बिथरी चैनपुर में 31,802, भुता में 30,766, शेरगढ़ में 30,759, बहेड़ी में 30,200 वोटरों के नाम दोहराए गए हैं।
इसी तरह आलमपुर में 28,909, मझगवां में 27,955, भदपुरा में 27,626, दमखोदा में 23,318, क्यारा में 22,629, भोजीपुरा में 22,500, फरीदपुर में 20,679, फतेहगंज पश्चिमी में 20,617, मीरगंज में 22,526, और रामनगर में 13,270 डुप्लीकेट वोटर पाए गए हैं।
मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी
क्यारा ब्लॉक के अकील अहमद का नाम चार ग्राम पंचायतों में दर्ज मिला है। वहीं कांधरपुर के एक बूथ की सूची में अंजनी नामक व्यक्ति का नाम दो बार पाया गया। इन मामलों में केवल उम्र का अंतर पाया गया।
बीएलओ आशीष कुमार के अनुसार, एक ही नाम कई ग्राम पंचायतों में दर्ज होने से सूची को दुरुस्त करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के जरिए सत्यापन कर नाम सही ग्राम पंचायत की सूची में रखा जाएगा।
सत्यापन कार्य तेज़ी से जारी
जिले में 1682 बीएलओ और सौ से अधिक पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। अब तक 1.89 लाख घरों में जाकर सत्यापन किया जा चुका है। कुल 4.09 लाख घरों तक पहुंचने का लक्ष्य है। अभियान 29 सितंबर तक चलेगा।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने सभी ब्लॉकों को ग्राम पंचायतवार डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची भेज दी है। खंड विकास अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सत्यापन में यदि कोई नाम एक से अधिक जगह दर्ज पाया जाता है तो केवल निवास वाले ग्राम पंचायत की सूची में उसे रखा जाएगा।
नए और मृतकों के नाम पर भी कार्रवाई
पुनरीक्षण अभियान के दौरान 1 जनवरी 2025 तक 18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवा-युवतियों के नाम जोड़े जाएंगे और मृतकों के नाम सूची से हटाए जाएंगे। बीएलओ और पर्यवेक्षक प्रतिदिन रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज रहे हैं।