संभल हिंसा मामले में एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल, बढ़ सकती है सपा सांसद बर्क की मुश्किलें

संभल हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और 23 अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। यह चार्जशीट 1000 पन्नों की है।

Jun 18, 2025 - 21:40
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संभल हिंसा मामले में एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल, बढ़ सकती है सपा सांसद बर्क की मुश्किलें

संभल। संभल हिंसा के मामले में बुधवार को एक बड़ी अपडेट सामने आई है। इस हिंसा के मामले में बुधवार को चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। इस हिंसा के मामले में समाजवादी पार्टी के स्थानीय सांसद जियाउर रहमान बर्क सहित 23 आरोपी शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ जिला न्यायालय की एमपी एमएलए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है। यह चार्जशीट 1000 पेज की बताई जा रही है। मालूम हो कि संभल की विवादित जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध में यहां हिंसा भड़की थी। इस हिंसा के मामले में संभल के सपा सांसद जियाउर रहमान वर्क नामजद आरोपी हैं। चार्जशीट पेश होने के बाद सपा सांसद की मुश्किलें बढ़ने के संकेत मिले हैं। 

सपा सांसद के अलावा मस्जिद कमेटी के साथ-साथ कई अन्य लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया था, जिसमें पुलिस की जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की गई है। चार्जशीट से संभल के समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर रहमान बर्क की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। चार्जशीट के बाद कोर्ट में इसका ट्रायल शुरू होगा। साांसद जिया उर रहमान बर्क हिंसा के दिन मतलब 24 नवंबर 2024 को शहर से बाहर थे। वे बेंगलुरु गए हुए थे। इस बात के सबूत उन्होंने संभल पुलिस को दिए हैं।

चार्जशीट के मुताबिक जिया उर रहमान बर्क लगातार फोन कर संभल के लोगों को सर्वे के विरोध के लिए तैयार करते रहे। जिया ने लोगों से कहा कि सर्वे पूरा हो गया तो जनता हम पर थूकेगी। जिया 23 नवंबर से लेकर 24 नवंबर की सुबह तक जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी के चीफ ज़फ़र अली से फ़ोन पर संपर्क में रहे। 

भीड़ कैसे जुटाए, इसकी भी वह रंणनीति बनाते रह। चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि जिया ने लोगों से कहा कि सर्वे से पहले ही मस्जिद को घेर लेना। अदालत के आदेश के बाद संभल के जामा मस्जिद का सर्वे हुआ। ये सर्वे एएसआई ने किया था। उस दिन हुई हिंसा में चार लोगों की जान चली गई थी। 

इस चार्जशीट में समाजवादी पार्टी के विधायक इक़बाल महमूद के सुहेल इक़बाल को क्लिन चिट मिल गई है। हिंसा भड़काने को लेकर उन पर भी मुक़दमा दर्ज हुआ था लेकिन जांच में पता चला कि वे उस दिन अपने घर पर ही थे। उन्होंने किसी को हिंसा के लिए नहीं उकसाया।