बरेली एयरपोर्ट पर अखिलेश से सिर्फ पांच नेताओं को मिलने की अनुमति, सपाइयों ने किया विरोध
-आरके सिंह- बरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बुधवार को रामपुर जाते समय बरेली सिविल एयरपोर्ट पर पहुंचे, लेकिन यहां का नजारा देखकर खुद वह भी हैरान रह गए। जिला प्रशासन ने केवल पांच सपा नेताओं को ही हवाई अड्डे तक पहुंचने और उनसे मिलने की अनुमति दी थी।
हवाई अड्डे पर अखिलेश यादव ने जब देखा कि स्वागत के लिए केवल कुछ ही नेता मौजूद हैं तो उन्होंने आश्चर्य से पूछा- मात्र पांच लोग ही क्यों आए? इस पर मौजूद नेताओं ने बताया कि प्रशासन ने सिर्फ पांच लोगों को ही एयरपोर्ट तक आने की अनुमति दी है।
अखिलेश यादव दोपहर लगभग 12 बजे बरेली के सिविल एयरपोर्ट पहुंचे। यहां पर तैयार खड़े हेलीकॉप्टर में बैठने से पहले उन्होंने सपा नेताओं से मुलाकात की। स्वागत करने वालों में पूर्व सांसद नीरज मौर्य, विधायक अताउर रहमान, विधायक शहजिल इस्लाम, जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी शामिल रहे।
थोड़ी बातचीत के बाद अखिलेश यादव हेलीकॉप्टर से रामपुर रवाना हो गए। रवाना होने से पहले उन्होंने जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप से कहा कि वापसी में पूर्व विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष और पूर्व महानगर अध्यक्षों को साथ लेकर आएं।
उल्लेखनीय है कि सपा के सैकड़ों कार्यकर्ता और नेता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने के लिए बरेली एयरपोर्ट की ओर रवाना हुए थे, लेकिन बैरियर-2 से लगभग 100 मीटर पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर कई नेता पीलीभीत बाईपास पर धरने की मुद्रा में बैठ गए।
क्षेत्राधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में धारा 163 बीएनएस लागू है, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर रोक है। वहीं सीओ फर्स्ट पंकज कुमार ने बताया कि अधिक संख्या में जुटने पर चालान की कार्यवाही की जाएगी। इस पर सपा नेता प्रमोद यादव ने जवाब दिया कि आपका काम रोकना है, और हमारा काम अपने नेता से मिलना है।
इस मौके पर सुरेंद्र सिंह, शिवप्रताप सिंह यादव, आरिफ कुरैशी, मुकेश यादव, जितेंद्र सागर, कमल साहू सहित कई सपा नेता मौजूद रहे।
हवाई अड्डे की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर पुलिस बल की भारी तैनाती की गई थी। किसी भी वाहन या व्यक्ति को हवाई अड्डे के करीब नहीं जाने दिया गया।
पूर्व मंत्री भगवान सरन गंगवार ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सपा के वरिष्ठ नेताओं को अपने ही राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने नहीं दिया गया। वहीं विधान परिषद के पूर्व प्रत्याशी शिव प्रताप यादव ने कहा, हम अपराधी नहीं हैं। अगर सपा कार्यकर्ता अपने नेता से नहीं मिल सकता तो फिर कौन मिलेगा?
इस पूरे घटनाक्रम पर उपजिलाधिकारी सदर प्रमोद कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निषेधाज्ञा के पालन के लिए यह कदम उठाया गया है।