खेरागढ़ प्रकरण को लेकर उबाल: दरोगा पर झूठा मुकदमा लिखने का आरोप, किसानों के बेटों की रिहाई को क्षत्रिय समाज सड़कों पर, पुलिस कमिश्नर से की उच्चस्तरीय जांच की मांग
आगरा के खेरागढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। किसानों के दो बेटों पर कथित रूप से झूठा मुकदमा दर्ज किए जाने के आरोप में क्षत्रिय समाज के लोगों ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
आगरा। खैरागढ़ थाना क्षेत्र में तैनात दरोगा मो. खालिद पर गंभीर आरोप लगाते हुए क्षत्रिय समाज के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि दरोगा द्वारा किसानों के बेटे लखन सिकरवार और कार्तिक सूर्यवंशी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है, जिससे समाज में आक्रोश व्याप्त है।
इसी मामले को लेकर क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधिमंडल ने आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि दरोगा मो. खालिद की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोनों युवकों को जल्द से जल्द रिहा किया जाए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो समाज बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसानों के बच्चों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस दौरान धनवीर सिंह तोमर, राजीव चौहान, मुनेंद्र जादौन, गजेंद्र सिंह परमार, जितेंद्र सिकरवार, राजेश परमार, विक्रम जादौन, दानवीर परमार, युवराज परिहार सहित कई लोग मौजूद रहे।