आईवीआरआई के 150 से ज्यादा पशु चिकित्सा छात्र सड़क पर उतरे, 12 महीने की इंटर्नशिप के लिए मांगा 25 हजार रुपये स्टाइपेंड

-आरके सिंह- बरेली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर)-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर के 150 से अधिक बीवीएससी एवं एएच छात्रों ने अनिवार्य इंटर्नशिप के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर मंगलवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। छात्रों ने मौजूदा स्टाइपेंड को अपर्याप्त बताते हुए 12 महीने की अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप की पूरी अवधि के लिए 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की मांग की। छात्रों ने ज्ञापन सौंपकर इंटर्नशिप शुरू होने से पहले लिखित और समयबद्ध समाधान की मांग की है।

Oct 6, 2026 - 21:21
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आईवीआरआई के 150 से ज्यादा पशु चिकित्सा छात्र सड़क पर उतरे, 12 महीने की इंटर्नशिप के लिए मांगा 25 हजार रुपये स्टाइपेंड
इंटर्नशिप में स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन करते आईवीआरआई बरेली के बीवीएससी एवं एएच छात्र।

प्रदर्शनकारी छात्र आईवीआरआई परिसर के मुख्य मार्ग/माइलस्टोन क्षेत्र के पास एकत्र हुए और अपनी मांगें उठाईं। छात्रों के अनुसार, वर्तमान में छह महीने के लिए तीन हजार रुपये प्रतिमाह इंटर्नशिप स्टाइपेंड दिया जाता है, जबकि बीवीएससी एवं एएच पाठ्यक्रम के तहत अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप की अवधि 12 महीने है। उनका कहना है कि यदि इंटर्नशिप 12 महीने की अनिवार्य है तो स्टाइपेंड भी पूरी अवधि के लिए मिलना चाहिए।

छात्रों ने अन्य पशु चिकित्सा संस्थानों में दिए जा रहे इंटर्नशिप भत्ते के मुकाबले आईवीआरआई के स्टाइपेंड में असमानता की समीक्षा करने की मांग की। इसके साथ ही स्टाइपेंड की धनराशि और व्यवस्था में पारदर्शिता लाने तथा संबंधित अधिकारियों से लिखित और समयबद्ध जवाब देने की मांग रखी।

दूसरे संस्थानों के स्टाइपेंड का दिया हवाला

छात्रों का कहना है कि 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग मनमानी नहीं है। उनके मुताबिक बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पशु चिकित्सा इंटर्न को करीब 23,500 रुपये प्रतिमाह, लुवास में करीब 24,310 रुपये और गडवासू में करीब 22,500 रुपये प्रतिमाह इंटर्नशिप भत्ता मिलने की जानकारी है। छात्रों का तर्क है कि इन संस्थानों में मिलने वाले भत्ते को देखते हुए आईवीआरआई में भी स्टाइपेंड में पर्याप्त वृद्धि की जानी चाहिए।

छात्रों ने कहा कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें क्लीनिकल प्रशिक्षण के साथ पेशेवर और व्यावहारिक जिम्मेदारियां भी निभानी होती हैं। इस मुद्दे को पहले भी संस्थान और संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक संतोषजनक समाधान नहीं निकल सका है।

पशु चिकित्सा सेवाएं प्रभावित न करने का दावा

प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और वे आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाओं, आपातकालीन उपचार तथा मरीजों की देखभाल में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका विरोध आईवीआरआई या पशु चिकित्सा शिक्षा के खिलाफ नहीं है, बल्कि अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप उचित स्टाइपेंड दिए जाने की मांग को लेकर है।

छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि 12 महीने की इंटर्नशिप अनिवार्य है तो स्टाइपेंड भी पूरे 12 महीने मिलना चाहिए। वे ऐसा सम्मानजनक स्टाइपेंड चाहते हैं, जो इंटर्न पर डाली जाने वाली जिम्मेदारियों के अनुरूप हो।

छात्रों के अनुसार, उनकी पेशेवर परीक्षाएं अक्टूबर के अंत में प्रस्तावित हैं, जिसके बाद वे अनिवार्य इंटर्नशिप में प्रवेश करेंगे। छात्रों ने कहा कि इंटर्नशिप शुरू होने से पहले इस मुद्दे का समाधान होना आवश्यक है। उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को सौंपकर लिखित और समयबद्ध समाधान की मांग की है।

SP_Singh AURGURU Editor