पंचायत चुनाव निकटः झूठे मुकदमों से बचाने के लिए बरेली के डीआईजी ने दिए सख्त निर्देश

अभी पंचायत चुनाव की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बरेली पुलिस ने इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। बरेली के डीआईजी अजय कुमार साहनी ने स्पष्ट कहा है कि झूठे मुकदमों और चुनावी साजिशों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।

Sep 5, 2025 - 20:14
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पंचायत चुनाव निकटः झूठे मुकदमों से बचाने के लिए बरेली के डीआईजी ने दिए सख्त निर्देश
अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक करते बरेली के डीआईजी अजय कुमार साहनी।

-आरके सिंह-

बरेली। आने वाले दिनों में प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। परिक्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षक अजय कुमार साहनी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को साफ निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली शिकायतों की गहन जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाए। आशंका जताई गई है कि प्रत्याशी अपने संभावित प्रतिद्वंद्वियों को चुनाव से रोकने के लिए गंभीर धाराओं में झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश कर सकते हैं।

पंचायत चुनाव में बढ़ती वैमनस्यता

DIG साहनी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तुलना में पंचायत चुनावों में वैमनस्यता कहीं अधिक होती है। गांवों में आपसी खुंदस और पुरानी रंजिशें इस दौरान उभरकर सामने आती हैं, जो कभी-कभी कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन जाती हैं।

गंभीर धाराओं में फंसाने की साजिश

पुलिस अधिकारियों को चेताया गया है कि प्रत्याशी अपने विरोधियों को बलात्कार, हत्या की कोशिश, लड़की से छेड़छाड़ और डकैती जैसी गंभीर धाराओं में फंसाने का प्रयास कर सकते हैं। इसका उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी को लंबे समय तक जेल में रखकर उसके चुनाव को बाधित करना हो सकता है। इसलिए किसी भी मुकदमे को दर्ज करने से पहले तथ्यों की पूरी तरह पुष्टि करना अनिवार्य होगा।

बीट सिपाही और दरोगाओं को सतर्क रहने के आदेश

डीआईजी ने कहा कि बीट के सिपाही और दरोगा गांव में पार्टीबंदी, सामाजिक तत्वों और छोटी-छोटी घटनाओं पर विशेष नजर रखें। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, घटनाओं की संभावना और चुनावी हलचल दोनों बढ़ेंगे।

अपराध नियंत्रण और समीक्षा बैठक

बैठक में माफियाओं व अपराधियों पर कार्रवाई, गुंडा अधिनियम, गैंगस्टर अधिनियम और गौवध निवारण अधिनियम सहित कई कानूनों के अंतर्गत हुई कार्यवाहियों की समीक्षा की गई। साथ ही हत्या, लूट, स्नेचिंग, दहेज हत्या, पॉक्सो, अपहरण, साइबर अपराध और साम्प्रदायिक मामलों से संबंधित अभियोगों पर अब तक की कार्यवाही का जायजा लिया गया। DIG ने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

SP_Singh AURGURU Editor