पंचायत सचिव की धमकी या कुछ और? आगरा में मजदूर की रहस्यमयी मौत ने उठाए सवाल

आगरा। थाना सिकंदरा क्षेत्र के खड़वाई गांव में आज सुबह एक मजदूर का शव पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान पप्पू के रूप में हुई है, जो दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मामला और गंभीर तब हो गया जब मृतक के मोबाइल से एक वीडियो संदेश बरामद हुआ, जिसमें पंचायत सचिव पर उत्पीड़न और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि वीडियो में केवल आवाज सुनाई दे रही है और दृश्य पूरी तरह अंधेरा है।

Sep 5, 2025 - 16:35
Sep 5, 2025 - 17:53
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पंचायत सचिव की धमकी या कुछ और? आगरा में मजदूर की रहस्यमयी मौत ने उठाए सवाल
खड़वाई गांव में पप्पू की मौत के बाद उसके घर पर जुटी भीड़।

सुबह परिजन सोकर उठे तो देखा कि कमरे की कुंडी बाहर से बंद है। जब दरवाज़ा खोला गया तो पप्पू घर पर नहीं मिला। खोजबीन शुरू हुई तो कुछ दूरी पर एक पेड़ से पप्पू का शव लटका मिला। देखते ही देखते ग्रामीण इकट्ठा हो गए और गुस्से में सड़क पर शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया।

परिजनों के पंचायत सचिव पर आरोप

परिजनों का आरोप है कि गांव की पंचायत सचिव पिछले कुछ समय से पप्पू को धमका रही थी। उनका कहना है कि पप्पू ने अपने बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। सचिव महीनों से फॉर्म लंबित किए बैठी थीं और काम नहीं कर रहीं थीं। इसी मुद्दे पर दोनों में बहस हुई और सचिव ने धमकी दी कि मुकदमे में फंसा दूंगी। धमकी और डर के चलते ही पप्पू ने आत्महत्या का कदम उठाया। गांव में चल रही चर्चाओं के अनुसार पप्पू के आधार कार्ड से जुड़ा कोई मामला था।

पुलिस की जांच और बयान

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची और शव को नीचे उतारा। पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजनों का विरोध देखते हुए पुलिस को काफी समझाना पड़ा।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी के अनुसार मृतक के भाई ने बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। बच्चे का जन्म बिहार में हुआ था, इसलिए प्रमाणपत्र बनना संभव नहीं था। पंचायत सचिव ने मृतक पर अभद्रता करने की शिकायत दी थी, जिसके बाद पप्पू को पूछताछ के लिए बुलाने हेतु फोन किया गया था। पप्पू के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। परिवारीजनों का कहना है कि पुलिस का बार-बार फोन आ रहा था। इसकी वजह स भी पप्पू बहुत डरा हुआ था। उसे लग रहा था कि कहीं जेल न चला जाए। 

गांव में चर्चा है कि सचिव की धमकियों और पुलिस दबाव के डर से ही पप्पू ने आत्महत्या की। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल वीडियो की जांच के बाद ही सामने आएगी।

मृतक के मोबाइल में मौजूद वीडियो इस केस का सबसे अहम सबूत माना जा रहा है। लेकिन चूंकि वीडियो काला है और सिर्फ़ आवाज़ सुनाई देती है, इसलिए इसकी तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

SP_Singh AURGURU Editor