फूट रहा अभिभावकों का गुस्सा: ड्रेस-किताबों के नाम पर स्कूलों की लूट के खिलाफ प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

आगरा। निजी स्कूलों द्वारा ड्रेस, जूते, किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री के नाम पर अभिभावकों के कथित आर्थिक शोषण के खिलाफ एक बार फिर आवाज बुलंद होने लगी है। अभिभावक संघ आगरा ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्कूलों की मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

Mar 26, 2026 - 20:47
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फूट रहा अभिभावकों का गुस्सा: ड्रेस-किताबों के नाम पर स्कूलों की लूट के खिलाफ प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
Image-Freepik

अभिभावक संघ आगरा के संयोजक डॉ. मदन मोहन शर्मा के नेतृत्व में उठाए गए इस विरोध में आरोप लगाया गया है कि जिले के कई निजी विद्यालय अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही महंगे दामों पर ड्रेस, जूते और किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इतना ही नहीं, हर वर्ष ड्रेस में अनावश्यक बदलाव कर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिसे संघ ने शिक्षा के अधिकार के खिलाफ बताया है।

डॉ. मदन मोहन शर्मा ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा सेवा का माध्यम है, न कि व्यापार का जरिया। उन्होंने चेतावनी दी कि स्कूलों की इस प्रकार की मनमानी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

संघ ने प्रशासन के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें भी रखीं, जिनमें विद्यालयों द्वारा ड्रेस व अन्य सामग्री पर एकाधिकार समाप्त करना, अभिभावकों को खुले बाजार से खरीदारी की स्वतंत्रता देना, बार-बार ड्रेस परिवर्तन पर रोक लगाना, दोषी विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना और शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करना शामिल है।

अभिभावक संघ ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर मुद्दे पर शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। साथ ही सभी अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

SP_Singh AURGURU Editor