बीते साल में उद्योग-व्यापार की ताकत बना चैम्बर: अध्यक्ष संजय गोयल ने गिनाईं उपलब्धियां. बोले- आगरा के विकास के लिए सत्ता से सड़क तक सीधी लड़ाई
आगरा। नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स, यूपी, आगरा की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट से साफ हुआ कि पिछले एक साल में संस्था केवल बैठकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सत्ता के शीर्ष गलियारों से लेकर जमीनी समस्याओं तक हर मोर्चे पर निर्णायक हस्तक्षेप करते हुए आगरा के उद्योग, व्यापार और सामाजिक ढांचे को नई दिशा देने का काम किया गया। अध्यक्ष संजय गोयल ने सोमवार को अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि चैम्बर ने न केवल सरकार पर दबाव बनाया बल्कि ठोस नीतिगत बदलावों और राहत दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई।
सरकार से सीधी टक्कर, उद्योग हित में ठोस फैसले
श्री गोयल ने प्रेस कॊन्फ्रेंस में बताया कि चैम्बर ने वर्ष भर में केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रियों, अधिकारियों से लगातार संवाद कर आगरा के उद्योगों की समस्याओं को उठाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधी मुलाकात कर ताज संरक्षित क्षेत्र के लिए अलग सेक्टोरियल गाइडलाइंस की मांग रखी गई, जिस पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी हुए।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजे गए सुझावों का असर भी दिखा। हैंडीक्राफ्ट, जूता और इंजन उद्योग पर जीएसटी दरों में राहत मिली, जिससे स्थानीय उद्योगों को बड़ा फायदा हुआ।
ताज ट्रेपेजियम जोन से लेकर शांता घाट तक—विकास के बड़े मुद्दे उठाए
उन्होंने बताया कि चैम्बर ने सीईसी रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कर मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह से वार्ता की और मुद्दे को शासन स्तर तक पहुंचाया।
साथ ही सींगना गांव के शांता घाट को पर्यटन स्थल बनाने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया, जिस पर पर्यटन विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है।
ट्रैफिक, बिजली, पानी, हर समस्या पर एक्शन मोड
चैंबर अध्यक्ष ने बताया कि आगरा की ट्रैफिक समस्या को लेकर डीसीपी ट्रैफिक अभिषेक अग्रवाल के साथ बैठक में रेड लाइट टाइम 180 सेकेंड से घटाकर 60 सेकेंड कराया गया। टोरंट पावर, नगर निगम और जलकल विभाग के साथ मिलकर बिजली-पानी की समस्याओं का निस्तारण कराया गया।
उद्योगों को राहत के लिए बीआईएस, जीएसटी, एमएसएमई हर मोर्चे पर संघर्ष
बीआईएस सर्टिफिकेशन की जटिलताओं को लेकर केंद्र सरकार के तकनीकी विशेषज्ञ आशीष कुमार से मुलाकात कर छोटे उद्योगों की परेशानी उठाई गई।
एमएसएमई मंत्री राकेश सचान और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी से मिलकर उद्योगों को राहत देने की मांग रखी गई।
पर्यावरण और विरासत संरक्षण में भी आगे
श्री गोयल ने बताया कि ‘वृक्ष लगाओ, पर्यावरण बचाओ’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। नगला रामबल स्थित ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह स्थल को स्मृति पार्क बनाने की पहल पर नगर निगम ने सौंदर्यीकरण कार्य शुरू किया। चैम्बर ने चंबल सफारी को सरकारी नियंत्रण में लाने की मांग उठाई। डीआरएम तेज प्रकाश अग्रवाल से बैठक कर रेलवे विकास योजनाओं पर चर्चा की गई।
इसके साथ ही मैक्स हॉस्पिटल के साथ स्वास्थ्य शिविर, सड़क सुरक्षा पर विशेषज्ञों के साथ बैठक और उपभोक्ता अधिकारों पर जागरूकता अभियान चलाए गए।
महिला उद्यमिता और एआई—नए युग की ओर कदम
महिला उद्यमियों के लिए एआई आधारित व्यापार सेमिनार आयोजित कर तकनीकी सशक्तिकरण पर जोर दिया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में चैम्बर का 77वां स्थापना दिवस भव्य रूप से मनाया गया, जिसमें वरिष्ठ सदस्यों और पूर्व अध्यक्षों को सम्मानित किया गया।
बड़े मुद्दे अभी भी लंबित, लड़ाई जारी
चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि आईटी सिटी, फिल्म सिटी, यमुना बैराज, इंटरनेशनल स्टेडियम, लॉ यूनिवर्सिटी और एसईजेड जैसी मांगें अभी भी शासन स्तर पर लंबित हैं, जिनके लिए चैम्बर लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 228 नए सदस्य जुड़े और 25 लाख रुपये की सावधि जमा कर संस्था की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया गया। अध्यक्ष संजय गोयल ने कहा कि चैम्बर ने हर स्तर पर उद्योग और व्यापार के हित में काम किया है और आगे भी आगरा के समग्र विकास के लिए संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर चैंबर के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।