एजिंग ग्रेसफुली का संकल्प, स्वस्थ-सक्रिय बुज़ुर्गों का सपना: बढ़ती उम्र को बोझ नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की शक्ति के रूप में देखिए, जेसीकॉन-2025 का संदेशपूर्ण समापन

आगरा में आयोजित जेसीकॉन-2025 का समापन वृद्धजनों को एजिंग ग्रेसफुली यानी गरिमापूर्ण, स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने का संदेश देने के साथ हुआ। तीन दिनों तक चली इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देशभर के विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट किया कि बढ़ती उम्र को बोझ नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की शक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए।

Dec 14, 2025 - 19:30
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एजिंग ग्रेसफुली का संकल्प, स्वस्थ-सक्रिय बुज़ुर्गों का सपना: बढ़ती उम्र को बोझ नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की शक्ति के रूप में देखिए, जेसीकॉन-2025 का संदेशपूर्ण समापन
जेरिएट्रिक सोसाइटी ऒफ इंडिया की वार्षिक कार्यशाला जेसीकॊन-2025 के रविवार को होटल क्लार्क्स शिराज में हुए समापन समारोह में बोलते जीएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॊ. अतुल कुलश्रेष्ठ।

आगरा। उम्र को नहीं, जीवन को बढ़ाएं, जितना भी जीएं, स्वस्थ और प्रसन्न जीवन जीएं। जेरिएट्रिक सोसायटी ऑफ इंडिया (जीएसआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ के इसी संदेश के साथ होटल क्लार्क्स-शिराज में आयोजित तीन दिवसीय जेसीकॉन-2025 का रविवार को समापन हो गया।

कार्यशाला के समापन समारोह में मौजूद वरिष्ठ चिकित्सक। 

समापन समारोह में जीएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ ने कहा कि सोसायटी का उद्देश्य देश के वृद्धजनों को बेहतर और स्वस्थ जीवन देना है, ताकि वे स्वयं को बोझ या अनुपयोगी न समझें, बल्कि देश के विकास में सक्रिय सहयोगी बनें। इससे सरकार पर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा बढ़ता खर्च भी सीमित किया जा सकता है।

समापन समारोह में जीएसआई के पदाधिकारियों एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. सुनील बंसल ने आयोजन समिति के सदस्यों को स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एमएम सिंह, डॉ. एके गुप्ता, डॉ. ओपी शर्मा (सचिव), डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ, डॉ. कैलाश विश्वानी (आयोजन सचिव), डॉ. शम्मी कालरा, डॉ. निखिल पुरसनानी, डॉ. प्रभात अग्रवाल, डॉ. आशीष गौतम, डॉ. वीएन कौशल, विजय खुराना, डॉ. मुदित खुराना, प्रवीन गुप्ता, एसपीएस चौहान, आतिश शर्मा, डॉ. सुमित लवानिया सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।

फ्री पेपर सेशन में 40 शोध पत्र व पोस्टर प्रस्तुत

आगरा। कार्यशाला के अंतिम दिन फ्री पेपर सेशन में 40 शोध पत्र एवं पोस्टर प्रस्तुत किए गए।
डॉ. सचिन देसाई ने डिमेंशिया, डॉ. साधना शर्मा ने टेली मेडिसिन, डॉ. एके सिंह एवं डॉ. कैलाश विश्वानी ने फैटी लिवर, डॉ. अंजना पांडे ने जोड़ों की बीमारी, डॉ. अरविन्द जैन ने डायबिटीज की दवाएं, अरविन्द यादव ने बुढ़ापे में मोटापा तथा डॉ. एमपी सिंह ने पार्किन्सन विषय पर व्याख्यान दिए।

डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने करवाये योगासन

आगरा। डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कार्यशाला में आमंत्रित शहर के वृद्धजनों को योगासन कराए और दैनिक जीवन से जुड़ी उपयोगी जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि भोजन से पहले तेज गति से चलना चाहिए, जिससे भूख बढ़ती है, जबकि भोजन के बाद केवल टहलना पाचन के लिए लाभकारी होता है।
उन्होंने अष्टांग योग की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सुबह जागने से लेकर रात्रि विश्राम तक संतुलित दिनचर्या ही योग है। यदि मन, शरीर और श्वास का समन्वय सही हो जाए, तो इससे बड़ा योग कोई नहीं।

SP_Singh AURGURU Editor