पीएम मोदी ने देशवासियों से फिर की अपील, सोना नहीं खरीदें, विदेश घूमने नहीं जाएं, शादियां देश में ही करें
भारत की 7.8% जीडीपी ग्रोथ पर पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी उत्पादों और 'वेडिंग इन इंडिया' को बढ़ावा देने की अपील की और 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य दोहराया।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8 फीसदी आर्थिक बढ़ोतरी पर देशवासियों को बधाई देते हुए सोना नहीं खरीदने की फिर अपील की। उन्होंने कहा, ''आत्मनिर्भर भारत बनना बहुत जरूरी है। स्वदेशी का मंत्र लोकल फॉर वोकल होना जरूरी है। विदेशों की यात्राएं अगर घूमने-फिरने जाते है तो नहीं करना चाहिए। शादी-विवाह विदेशों में करते हैं तो नहीं करना चाहिए। मेड इन इंडिया के मंत्र को जीना चाहिए। अगर जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदना चाहिए।''
पीएम मोदी ने आगे कहा, ''दुनिया इस समय कई मुश्किलों से गुजर रही है। कई जगह युद्ध की स्थिति है, सप्लाई चेन पर असर पड़ा है और कोरोना महामारी के बाद भी वैश्विक स्तर पर पूरी स्थिरता नहीं लौट पाई है। इसके बावजूद भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को आगे बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और देश में बने सामान को प्राथमिकता देने की अपील की। उनका कहना था कि गैर-जरूरी खरीदारी से बचते हुए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली आदतों को अपनाना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि विदेश में शादी करने की जगह भारत में ही शादी के आयोजन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इससे देश के पर्यटन, होटल, कैटरिंग, कपड़ा, आभूषण और दूसरे कारोबारों को फायदा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत में होने वाले बड़े आयोजनों से देश के अलग-अलग क्षेत्रों के कारोबारियों और कामगारों को भी रोजगार के अवसर मिलते हैं। इसलिए लोगों को देश में ही खर्च करने की आदत को बढ़ावा देना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित देश बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आज की मेहनत आने वाली पीढ़ी के सपनों को पूरा करने में मदद करेगी। पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि वे विकास की इस गति को बनाए रखने के लिए पूरी मेहनत और ईमानदारी से अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां सही दिशा में हैं और देश के 140 करोड़ लोगों की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंत में देशवासियों से उपलब्धि की खुशी मनाने के साथ-साथ नए संकल्प लेने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सिर्फ संकल्प लेना ही नहीं, बल्कि उसे पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करना जरूरी है।