पीएम मोदी ने ट्रंप से फोन पर की बात, द्विपक्षीय रिश्तों में हुई प्रगति पर चर्चा

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई। बातचीत में उन्होंने भारत-अमेरिकी कॉम्प्रिहेंसिव ग्लोबल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का रिव्यू किया। दोनों नेताओं ने बढ़ते आपसी सहयोग पर खुशी जताई।

Dec 11, 2025 - 20:43
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पीएम मोदी ने ट्रंप से फोन पर की बात, द्विपक्षीय रिश्तों में हुई प्रगति पर चर्चा

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फोन पर बातचीत की है। पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। पीएम मोदी ने लिखा कि प्रेसिडेंट ट्रंप के साथ बहुत अच्छी और दिलचस्प बातचीत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने अपने द्विपक्षीय संबंधो में हुई प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही क्षेत्रीय और इंटरनेशनल डेवलपमेंट पर चर्चा की। भारत और अमेरिका ग्लोबल शांति, स्टेबिलिटी और खुशहाली के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। पीएम मोदी से बातचीत के बाद अब इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अमेरिका भारत से टैरिफ हटा सकता है।

दोनों नेताओं ने 21वीं सदी के लिए इंडिया- अमेरिका मिलिट्री पार्टनरशिप, एक्सेलरेटेड कॉमर्स और टेक्नोलॉजी के लिए मौके मौके बढ़ाने को लागू करने से जुड़े जरूरी टेक्नोलॉजी, एनर्जी, डिफेंस और सिक्योरिटी, और दूसरे ज़रूरी सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर भी अपने विचार शेयर किए। मोदी और ट्रंप ने खास रीजनल और ग्लोबल डेवलपमेंट के बारे में भी बात की। वे बदलते जियोपॉलिटिकल माहौल में एक जैसी चुनौतियों से निपटने और आम हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए।  

पीएम मोदी और ट्रंप ने खास रीजनल और ग्लोबल डेवलपमेंट्स पर भी बात की। वे बदलते जियोपॉलिटिकल माहौल में आम चुनौतियों से निपटने और आम हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। दोनों नेता स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और गहरा करने के लिए संपर्क में रहने पर सहमत हुए। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दो दिन की हाई-स्टेक्स समिट के लिए नई दिल्ली पहुंचने के कुछ दिनों बाद हुई है।

अमेरिका ने भारत के रूसी तेल के इंपोर्ट को लेकर चिंताओं के बीच अगस्त 2025 से अधिकतर भारतीय एक्सपोर्ट पर 50% टैरिफ लगा रखा है। इस बीच, अमेरिका का एक व्यापार प्रतिनिधिमंडल 10-11 दिसंबर को बातचीत के लिए भारत आया है, लेकिन अब तक कोई खास नतीजा नहीं निकला है। मार्केट एक्सेस और टैरिफ पॉलिसी पर विवादों के कारण बातचीत रुकी हुई है। इससे व्यापारिक रिश्तों में और तनाव आ गया है।