पीएमएसएमए दिवस : मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम

आगरा। जनपद में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें 74 स्वास्थ्य इकाइयों पर गर्भवती की प्रसवपूर्व जांच की गई। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को न केवल प्रसवपूर्व जांच की सुविधा मिली, बल्कि उन्हें ई-रुपी वाउचर के जरिए निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड कराने की सुविधा भी प्रदान की गई। 

Jun 9, 2025 - 23:35
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पीएमएसएमए दिवस : मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम


-    जनपद की 74 स्वास्थ्य इकाइयों पर मनाया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस

-    गर्भवती की हुई प्रसव पूर्व जांच, परामर्श सहित आवश्यक दवाएं प्रदान की गई

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि गर्भवती को प्रसवपूर्व जांच और पोषण संबंधी जानकारी प्रदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे गर्भवती महिलाओं की सेहत और गर्भस्थ शिशु की सेहत दोनों बेहतर होती है। गर्भवती को आयरन, कैल्शियम और एलबेंडाजोल की गोलियां देने से उनकी सेहत में सुधार होता है। इसके अलावा, गर्भवती को पोषण के साथ-साथ आयरन और कैल्शियम का सेवन करने को लेकर विस्तृत काउंसलिंग करना भी आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस से गर्भवती को सुरक्षित मातृत्व सेवाएं प्रदान करने में मदद मिलती है और मातृ मृत्यु दर को कम करने में भी सहायता मिलती है। पीएमएसएमए दिवस के अवसर पर गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच की गई। गर्भवती को आयरन, कैल्शियम की गोलियां भी दी गई। 


एसीएमओ आरसीएच डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस के दौरान गर्भवती का टीकाकरण, आयरन व कैल्शियम की गोलियों का वितरण, आयरन सुक्रोज, अल्ट्रासाउंड सहित, यूरिन, हीमोग्लोविन, शुगर, सिफलिस, वजन, पेट की जांच, हेपेटाइटिस बी, ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, टीबी और एचआईवी की जांच की गई । इसके अलावा केंद्र पर आने वाले दंपति को बास्केट ऑफ च्वॉइस की सहायता से परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के तहत गर्भवती के आरसीएच पंजीकरण के लिए भी विशेष काउंटर लगाये गये, जिन लाभार्थियों का आरसीएच नंबर नहीं है, उनको पंजीकरण कराकर नंबर उपलब्ध कराया गया। 

जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता संगीता भारती ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सपोर्टिव सुपर विजन एवं पीएमएसएमए की ऑनलाइन चेकलिस्ट भी भरी गयी। सीएचसी और पीएचसी पर आने वाली गर्भवती को चिकित्सक जब अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं तो वहां के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर द्वारा एसीएमओ को सूचना दी जाती है और जिला स्तर से ही एक से डेढ़ घंटे में ई-रूपी वाउचर जेनरेट कर लाभार्थी को दिया जाता है। स्मार्ट फोन वाले लाभार्थी के पास क्यू आर कोड चला जाता है, जबकि सामान्य फोन वाले लाभार्थी को एसएमएस भेजा जाता है।

 
लोहामंडी द्वितीय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुमन श्रीवास्तव ने बताया कि पीएमएसएम दिवस पर प्रसव पूर्व जांच के लिए आने वाली गर्भवती और तीमारदारों के लिए गर्मी के मौसम को देखते हुए हवादार स्थान पर बैठने और पेयजल, रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया । पीएमएसएमए दिवस पर 56 गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच की गई है। जिसमें पांच उच्च जोखिम वाली गर्भवती को चिन्हित कर संदर्भित भी किया गया । गर्भवती को खान-पान का विशेष ध्यान रखने के लिए परामर्श दिया गया। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती को एक बार मलेरिया जांच अवश्य करनी चाहिए।