भ्रष्टाचार पर पुलिस कमिश्नर की सर्जिकल स्ट्राइक, इंस्पेक्टर से सिपाही तक नपे, सिस्टम में हलचल

आगरा। पुलिस कमिश्नरेट में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जांच में अब सिपाही और दरोगा ही नहीं, बल्कि इंस्पेक्टर तक भी संलिप्त पाए गए हैं। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब कड़ा रुख अपना लिया है। पुलिस कमिश्नर से लोगों से सीधे शिकायतें मांगीं तो आठ पुलिसकर्मी कार्रवाई की जद में आ गए। इनमें इंसपेक्टर से लेकर सिपाही तक शामिल हैं। छह को निलंबित किया गया है जबकि दो को लाइन का रास्ता दिखाया गया है।

Oct 7, 2025 - 13:24
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भ्रष्टाचार पर पुलिस कमिश्नर की सर्जिकल स्ट्राइक, इंस्पेक्टर से सिपाही तक नपे, सिस्टम में हलचल

भ्रष्टाचार के खिलाफ पहली बार बड़ी कार्रवाई

कमिश्नरेट में मिली शिकायतों और फिर उनकी जांच रिपोर्टों के आधार पर भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए पुलिसकर्मियों में सिकंदरा थाने के इंस्पेक्टर क्राइम शैलेंद्र सिंह, निबोहरा थाने के सब इंस्पेक्टर सुमित राठी, फतेहाबाद थाने के एसआई ज्ञान प्रकाश, 112 में तैनात हेड कांस्टेबल रिंकू, कांस्टेबल संजीव और हरपाल शामिल हैं। इन सभी को निलंबित किया गया है, जबकि 112 के चालक राहुल सिंह और अभिलेख को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

विवेचना में पैसे का खेल, अपराधियों से बढ़ाई नज़दीकी

जांच में यह तथ्य सामने आया है कि कई पुलिसकर्मी विवेचना के दौरान रुपये लेकर केस के रुख बदलने की कोशिश कर रहे थे।
सिकंदरा के इंस्पेक्टर क्राइम शैलेंद्र सिंह पर आरोप है कि वे विवेचना संबंधी मामलों में पैसे का लेन-देन कर रहे थे।
निबोहरा थाने के सब इंस्पेक्टर सुमित राठी के अपराधियों से संबंध होने की पुष्टि हुई है।
फतेहाबाद के एसआई ज्ञान प्रकाश पर भ्रष्टाचार के साथ-साथ विवेचना में गंभीर लापरवाही का आरोप साबित हुआ है।

पुलिस कमिश्नर ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

भ्रष्टाचार के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने नागरिकों से सीधी शिकायत करने की अपील की है। उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 7839860813 जारी कर कहा है कि नागरिक केवल पुलिस कर्मियों के भ्रष्टाचार संबंधी मामलों की शिकायतें सीधे इस नंबर पर दर्ज कराएं।
दीपक कुमार ने अपने संदेश में कहा, अब किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर शिकायत की जांच होगी और दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।

डीजीपी और डिप्टी सीएम ने भी जताई थी नाराज़गी

गौरतलब है कि कुछ समय पहले डीजीपी ने आगरा सहित छह शहरों की पुलिस में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलने की बात कही थी।
वहीं, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी अपने आगरा दौरे के दौरान भाजपा नेताओं से पुलिस के बारे में इसी तरह की शिकायतें सुनकर नाराज़ हुए थे।
इन्हीं संकेतों के बाद पुलिस कमिश्नर ने भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा खुद संभालते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।

जनता में सकारात्मक संदेश, सिस्टम में हड़कंप

पुलिस कमिश्नर की इस कार्रवाई ने पुलिस विभाग के भीतर चेतावनी का संदेश भेजा है।
अब यह माना जा रहा है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं।
नागरिक समाज ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त शुरुआत बताया है।

SP_Singh AURGURU Editor