आगरा में दहेज लोभियों पर पुलिस का शिकंजा, दो बहुओं की मौत के बाद 5 आरोपी जेल

आगरा जिले के पिनाहट और जैतपुर क्षेत्र में दहेज हत्या के दो गंभीर मामलों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पति, सास और ससुर समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पिनाहट में शादी के दो साल बाद अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की हत्या का आरोप है, जबकि जैतपुर में महज 8 महीने पहले हुई शादी के बाद कार की मांग को लेकर सुनैना की मौत हुई। दोनों मामलों ने दहेज प्रथा की भयावह सच्चाई को फिर उजागर कर दिया है।

Mar 24, 2026 - 23:31
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आगरा में दहेज लोभियों पर पुलिस का शिकंजा, दो बहुओं की मौत के बाद 5 आरोपी जेल
पुलिस की गिरफ्त में दहेजलोभी।

एक मामले में शादी के दो साल बाद, दूसरे में महज 8 महीने में उजड़ा सुहाग, पुलिस ने तेज कार्रवाई कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया

आगरा। जिले में दहेज के  लालच ने एक बार फिर दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। पिनाहट और जैतपुर थाना क्षेत्र में सामने आए दहेज हत्या के दो सनसनीखेज मामलों में पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए पति, सास और ससुर समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक दहेज की मांग बहुओं की जान लेती रहेगी?

दोनों मामलों में एक बात समान है, शादी के बाद से लगातार दहेज की मांग, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, और आखिरकार विवाहिता की संदिग्ध मौत। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भिजवा दिया।

पिनाहट में अतिरिक्त दहेज की मांग ने ले ली जान

थाना पिढ़ोरा क्षेत्र के ग्राम आसे का पुरा से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है। पुलिस के अनुसार, 21 मार्च 2026 को वादी ने थाना पिढ़ोरा में तहरीर देकर बताया कि करीब दो वर्ष पहले उसकी बहन की शादी भानू प्रताप पुत्र राजवीर निवासी ग्राम आसे का पुरा, थाना पिढ़ोरा, आगरा के साथ हुई थी।

आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। वादी ने अपनी शिकायत में स्पष्ट आरोप लगाया कि 21 मार्च को दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी बहन की हत्या कर दी गई।

इस मामले में थाना पिढ़ोरा में मुकदमा संख्या 12/26 के तहत धारा 85/80(2) बीएनएस तथा 3/4 डीपी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। 24 मार्च 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आगरा-बाह रोड से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में भानू प्रताप (पति), राजवीर (ससुर) और एक महिला अभियुक्ता (सास) शामिल हैं।

थाना पिढ़ोरा पुलिस ने तीनों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

शादी के सिर्फ 8 महीने बाद बुझ गई सुनैना की जिंदगी

दूसरा मामला जैतपुर थाना क्षेत्र के गढ़वार गांव से सामने आया, जहां विवाहिता सुनैना की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। इस मामले में पुलिस ने पति राजीव भदौरिया और सास कुसुमलता को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, सुनैना की मौत 21 फरवरी को हुई थी। इस मामले में मृतका के पिता विजय सिंह, निवासी छदामीपुरा, ने जैतपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी बेटी की मौत के लिए ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए पति राजीव भदौरिया, सास कुसुमलता, ससुर रामबाबू, देवर अभिषेक और चचेरे भाई योगेश पर दहेज हत्या का आरोप लगाया।

पिता का आरोप है कि सुनैना की शादी महज 8 महीने पहले राजीव भदौरिया से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज में कार की मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर सुनैना को लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा। परिजनों का कहना है कि यही प्रताड़ना अंततः उसकी मौत की वजह बनी।

जैतपुर एसओ ने बताया कि मामले की जांच के बाद मंगलवार को दहेज हत्या के आरोपी पति राजीव भदौरिया और सास कुसुमलता को गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।

दो घटनाएं, एक ही सच्चाई

पिनाहट और जैतपुर की ये दोनों घटनाएं इस कड़वी हकीकत को उजागर करती हैं कि तमाम कानूनों और जागरूकता अभियानों के बावजूद दहेज प्रथा अब भी समाज में जहर की तरह फैली हुई है। कहीं अतिरिक्त दहेज की मांग, तो कहीं कार की डिमांड और इन सबके बीच सबसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है उन बेटियों को, जो शादी के बाद नया घर बसाने का सपना लेकर ससुराल जाती हैं।

इन दोनों मामलों में पुलिस की तेज कार्रवाई ने यह जरूर संदेश दिया है कि दहेज हत्या जैसे मामलों में अब ढिलाई नहीं बरती जाएगी। लेकिन सवाल अब भी कायम है कि कानून के डर से पहले समाज की सोच कब बदलेगी?

दहेज लोभियों पर होगी कठोर कार्रवाई

दोनों मामलों में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दहेज हत्या जैसे अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। परिजनों की शिकायत, साक्ष्य और जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में अन्य नामजद लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

इन घटनाओं ने आगरा जिले में दहेज उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि तेज ट्रायल और कड़ी सजा भी जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई बेटी दहेज की भेंट न चढ़े।